सुप्रीम कोर्ट में अकेडमिक मैटर के अलावा कोई अधिक बहस नही हुई , टेट वेटेज देना राज्य सरकार का विशेषाधिकार है और NCTE ने खुद ऐसा कहा है

 सुप्रीम कोर्ट में आज अकेडमिक मैटर की सुनवाई थी।अकेडमिक मैटर में कोर्ट टेट वेटेज पर NCTE से काउंटर मांगा है कि पारा 9B (टेट वेटेज) पर अपना स्टैंड क्लियर करे।जिसपर अगले सप्ताह NCTE को सब्मिशन देना है। अकेडमिक मैटर पर इसके अलावा कोई अधिक बहस नही हुई।
बीएड याची मैटर में कुछ याचिकाओं को कोर्ट में मेंशन कराया था जिसपर कोर्ट में सुनवाई हुई याची वकीलों की ओर से राज्य सरकार के उस हलफनामे को कोर्ट में पेश किया जो स्टेट ऑफ यूपी ने कोर्ट में लगाया था। जिसमे सरकार ने उत्तर प्रदेश में बेसिक शिक्षा में 4 लाख पद अध्यापको के रिक्त बताये थे।उन्ही को बार बार कोर्ट में उठाते हुए याची राहत की मांग कर रहे थे कि इतने पद हैं सरकार के पास तो इन रिक्त पदों पर बीएड टेट पास को नियुक्त किया जाए।इस बात पर कोर्ट ने खुद कहा कि इस हलफनामे के बाद 72825टेट भर्ती+137000 शिक्षा मित्रों का समायोजन+ 99हजार अकेडमिक भर्ती,यानी लगभग साढ़े तीन लाख भर्ती हो चुकी हैं तो अब 4 लाख पद खाली कहाँ रह गए अब? यही आज की सुनवाई के सार है।
हालांकि याची पक्ष की एक वकील ने सुप्रीम कोर्ट को उसकी 142 की पावर का इस्तेमाल करके टेट 2011 प्रमाण पत्र की वेलिडिटी एक्सटेंड करने तथा 1:30 के रेशियो को मेंटेन करने के लिए बीएड टेट2011 पास बालो को नियुक्त करने तक कि सलाह दे डाली। जिसपर कोर्ट ने हँसते हुए उनसे अपना आर्गुमेंट क्लोज करके बैठ जाने को कहा।
बाकी ऐसा कोर्ट में कुछ नही हुआ जिसमें किसी भी प्रकार की राहत का अंदाजा लगाया जा सके। कोर्ट ने चुपचाप पहले की तरह सबके आर्गुमेंट सुने ओर बिना किसी टिप्पणी के फैसला सुरक्षित कर दिया।
"99हजार अकेडमिक भर्ती सेफ जोन में माना जा सकता है कारण टेट वेटेज देना राज्य सरकार का विशेषाधिकार है और NCTE ने खुद ऐसा कहा है"
@Madhav
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