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UPTET Case : निराशा और संदेह की दुनिया से आये बाहर , ऑर्डर 15 से 20 जून के भीतर

Ek positive post......
प्रिय साथियों !!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!

नमस्कार!
निराशा और संदेह की दुनिया से
बाहर आये
आप मुकदमा जीत चुके है
जल्द ही आप के हाथ मे आप
का नियुक्ति पत्र होगा और
आप प्राइमरी में छोटे छोटे
बच्चों को पढ़ा रहे होंगे।
हमारा संदेह हमारी निराशा केवल
फ़ेसबुक पर मौजूद फ़र्ज़ी के जज
फ़र्ज़ी के वरिष्ठ अधिवक्ताओं की वजह से है
Fb पर 20% जज है जो फैसला ही बता देते है
फिर कुछ 30 % वरिष्ठ टाइप के वकील है वे जिरह करते की नही नही ये नही हो सकता
क्यू नही हो सकता अगर पूछ लो तो
फिर एक से एक तर्क और नया नया कानून
बताएंगे कि
इसलिए नही हो सकता
उसलिये नही हो सकता फलां ढिमका।
और बाकी बचे 50% लोग जो बस सबकी
सुनते है
कोई ऊल-जुलूल कुछ भी लिख दे
तो उसको सच मान लेते है फिर
निराशा और संदेह होना लाजमी है
साथियों खूब कायदे से समझ लीजिए ।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।
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न तो कोई खुली प्रतियोगिता होगी
न ही कोई बन्द प्रतियोगिता ।
हमसे खुली प्रतियोगिता करवाना हाइकोर्ट के
आदेश की मूल भावना का वायलेशन है जिसमे यह
कहा गया है शिक्षामित्रों का समायोजन रद्द होने से जो पद
रिक्त हुए है वो अतिशीघ्र योग्य अभ्यर्थियों से भरें जाय।
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दूसरी बात चूँकि हम 2011 से ही इस पद के लिए एलिजिबल है ncte गाइडलाइन एवम 1981 बेसिक
शिक्षा सेवा नियमावली के प्रावधानों को पूर्ण करते है
प्राइमरी टीचर बनने की सारी योग्यताओ सारी अर्हताओं को 2011 से ही पूर्ण करते है।
ऐसी स्थिति में दुबारा परीक्षा करवाना ऐसे ही है जैसे
भुने हुए चने को फिर से भूनना दुबारा भुनने पर
चना खाने योग्य नही रह जाता दुबारा भूनना
जैसे चने के साथ न्याय नही है
वैसे ही दुबारा परीक्षा
लेना हमारे साथ न्याय नही है।
हम चूँकि हम 5 साल मुकदमा लड़ते रहे है 5 सालो बाद
हमे जीत मिली है क्योंकि हम सही थे
हमे अपनी ही थाली को अपना सिद्ध करने के लिए 5 वर्ष तक इतना संघर्ष करना पड़ा।
चूँकि मुकदमे में जीत हमारी हुई है अतः मुकदमा जीते हुए पक्ष से कभी खुली प्रतियोगिता नही करवायी जाती
ये बात भारतीय संविधान की मूल धाराओं में निहित है
अगर खुली प्रतियोगिता करवानी होती तो सुप्रीम कोर्ट
इस पर बाकायदा बहस करवाता तब जा कर किसी निर्णय पर पहुँचता।
और इस मुद्दे पर बस कोर्ट ने ऐसे ही टिप्पणी कर दी थी
वस्तुतः उनका इशारा शिक्षामित्रों के लिए था न कि हमारे लिये।
भारतीय संविधान में वर्णित प्रावधानों के अनुसार खुली
प्रतियोगिता उसी स्थिति में कराई जा सकती है जब कोर्ट 2011 की पूरी परीक्षा ही रद्द कर दे। तो फिर
न कोई चयनित होगा न कोई अचयनित सबको खुली प्रतियोगिता भाग ले कर अपनी अपनी योग्यता का परिचय देना होगा।
और आप को पता ही है कि कोर्ट ने पहले ही स्पष्ट कर
दिया है की जो भर्तियां हो चुकी है सब सही है हम उनसे
कोई छेड़छाड़ नही करेंगे।
अतः किसी भी स्थिति में हमसे परीक्षा नही ली जाएगी
मस्त रहे बिल्कुल ये बात को ले कर परेशान न हो ऐसा कुछ नही होने जा रहा है।
ऐसा हो ही नही हो सकता कि 2011 टेट पास कुछ लोगो को उसी मार्कशीट पर डायरेक्ट नियुक्ति मिल गयी हो और सेम एलिजिबिलिटी रखने वालों से खुली प्रतियोगिता
कराई जाए।
ऐसा करने से हमारे समानता के अधिकार का भी
वायलेशन होगा जो कोर्ट कभी कर नही सकती।
ध्यान दीजिए अगर खुली प्रतियोगिता की बात होती तो
कोर्ट आप को age में मार्कसीट की वैलिडिटी में relaxsation क्यू देता।
अब बात करते है ncte की
Ncte की ऐसी की तैसी
Ncte जैसी सैकड़ो संस्थाओं को सुप्रीम कोर्ट 2 मिनट
में रद्द कर सकता है।
Ncte जवाब कुछ भी लगाए उसकी सत्यता की जाँच
सुप्रीम कोर्ट के विशेष दस्ते करते है फिर उसी के आधार कोर्ट निर्णय देता है फिर झूठे हलफनामे और कोर्ट को गुमराह करने के जुर्म में ncte को जेल भेजा जा सकता
है। अतः ncte को हिम्मत नही है कि वो फर्जी हलफनामा लगा सके।
करिश्माई व्यक्तित्व रखने वाली वरिष्ठ अधिवक्ता
विभा मखीजा जी ने अंतिम बहस की फिर जज
ने मुकदमे की फाइल बन्द करते समय विभा मखीजा जी से कहा कि
have a good holiday to you
जज हमेशा जीते हुए पक्ष का ही अभिवादन करता
है यह जीत का एक संकेत होता है।
गर्मी की छुट्टिया है आप सभी कही 2-3 हफ्ते घूम टहल
कर आये उसके बाद अपना नियुक्ति पत्र ले कर नौकरी
करें।
फिर से कह रहा हूँ कि 2011 पास सभी टेट अभ्यर्थियों को ये जॉब मिलने जा रही है। चाहे वो याची बना हो या न बना हो। बस वो 2011 टेट पास होना चाहिए।
साथियों जब तक हम प्राइमरी में पहुचेंगे तब तक
विद्यालयों का लुक चेंज हो चुका होगा।
क्यू की बहुत जल्द ये विधेयक पास होने जा रहा है
की सभी अधिकारी कर्मचारी सांसद विधायक और
मंत्रियों के बच्चे प्राइमरी में पढ़े।
अतः जब हम पढ़ाने पहुचेंगे तब तक प्रायमरी का
लुक कान्वेंट से भी बेहतर हो चुका रहेगा
इसी के तहत बच्चों के लिए नए ड्रेस डिजाइन किए गए है जिसकी तस्वीरें आप नेट पर देख सकते है।
हर स्कूल में गाये पाली जाएंगी जिससे बच्चों को दोपहर
के भोजन में शुद्ध दूध पीने को मिले।
प्राइमरी में शुद्ध पेयजल के लिये ro के प्लांट लगने
जा रहे है।
डेस्क बेंच लगेंगे कूलर लगेगा अच्छे ब्लैकबोर्ड होंगे
प्रोजेक्टर से बच्चों को शिक्षित किया जाएगा
कम्प्यूटर होगा और कान्वेंट जैसा ही प्रायमरी की बिल्डिंग भी बनाई जाएगी।
टीचर्स के लिए बेहतरीन ऑफिस बनाई जाएगी।
अतः आप एक सुखद वातावरण में शिक्षण कार्य
करेंगे। आप को नौकरी मिल चुकी है।
ऑर्डर 15 से 20 जून के भीतर आ जाएगा
खुश रहे मस्त रहे।
जय हिंद जय श्री राम जय टेट
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