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उच्च शिक्षा सेवा अधि. में संशोधन का विरोध, मानदेय पर कार्यरत शिक्षकों के विनियमितीकरण का विरोध

इलाहाबाद : अशासकीय सहायताप्राप्त महाविद्यालयों में मानदेय पर कार्यरत शिक्षकों के विनियमितीकरण को शासन की ओर से उठाए जा रहे कदम से उच्चतर शिक्षा सेवा चयन आयोग के प्रतियोगियों में आक्रोश व्याप्त हो गया है।
प्रतियोगियों का कहना है कि जब यूपीएचईएससी (उच्चतर शिक्षा सेवा चयन आयोग) की ओर से असिस्टेंट प्रोफेसर के चयन नियमित रूप से हो रहे हैं, लिखित परीक्षा की तैयारी भी चल रही है तो विधानसभा के मानसून सत्र में उच्च शिक्षा सेवा चयन के विधेयक में संशोधन प्रस्ताव लाकर प्रदेश सरकार उनके साथ छलावा है। उच्च शिक्षा सेवा के प्रतियोगियों ने रविवार को इलाहाबाद के कंपनी बाग में बैठक कर अपनी समस्याओं पर मंथन किया। सभी ने सरकार के निर्णय की निंदा की। प्रतियोगियों का कहना है कि जब यूपीएचईएससी बना हुआ है, ठीक तरह से चयन प्रक्रिया चल रही है तो सरकार यूपीएचईएससी के माध्यम से ही भर्तियां करवाए। एक तरफ असिस्टेंट प्रोफेसर पद पर चयन के लिए यूपीएचईएससी से लिखित परीक्षा व साक्षात्कार की प्रक्रिया अपनाई जा रही है, वहीं दूसरी ओर महाविद्यालयों में प्रबंधकों की ओर से अपने चहेतों का चयन कर लिया जाता है।

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