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शिक्षक भर्ती में कटऑफ बेरोजगारों के साथ योगी सरकार का छलावा : राम बहादुर

लखनऊ। जब सरकार ही बेरोजगारों के साथ धोखा करे तो प्रदेश के युवा और बेरोजगार आखिर जायें तो जायें कहाँ। नागरिक एकता पार्टी के राष्ट्रीय संरक्षक एवं गोण्डा के पूर्व डी.एम. राम बहादुर ने 68,500 शिक्षकों की भर्ती में सरकार की ओर से कट आफ जारी करने पर चिंता व्यक्त करते हुए यह टिप्पणी की।
उन्होंने कहा कि बेरोजगारों को रोजगार देने के बजाए उनकी मजबूरी से सरकार खेल रही है। सरकार ने पहले 98 हजार पद पर भर्ती करने की बात प्रचारित की, इसके बाद 20 हजार पद घटा दिए।

बेरोजगारों व युवाओं के साथ हुआ धोखा

शिक्षक बनाने के लिए पहले टी.ई.टी की परीक्षा सम्पन्न कराई गई जिसमें बड़ी संख्या में युवा व बेरोजगार जब उत्तीर्ण हो गये तो शिक्षक भर्ती परीक्षा में सरकार ने बदलाव कर दिया। जबकि शुरूआत में कहा गया कि कोई कट आफ नहीं तय होगी किन्तु अब जब उत्तीर्ण हुए 95 फीसदी बेरोजगारों ने परीक्षा दी तो कट ऑफ हाई करके बेरोजगारों व युवाओं के साथ सरकार द्वारा लगातार धोखा किया जा रहा है।
राम बहादुर ने शिक्षक बेरोजगारों व युवाओं के भविष्य को सरकार द्वारा बर्बाद किया जा रहा है, जब मेरिट ही बनानी थी तो दूसरी परीक्षा की क्या जरूरत थी। टी.ई.टी के अंक पर भी मेरिट तय कर कट आफ जारी करके नियुक्ति कर देना चाहिए था। बेरोजगारों व युवाओं को अनावश्यक मानसिक तनाव देने के साथ ही साथ उनका आर्थिक नुकसान भी किया जा रहा है। आगे उन्होंने कहा कि पिछली परीक्षा की कट आफ 45 व 40 था तो इस बार 65 से 60 करके अब मेरिट लिस्ट की बात क्यों कही जा रही है,यह पूर्णतःगलत है।

कट आफ क्यों बढा रहे

सरकार को सभी योग्य बेरोजगारों को रोजगार देने का काम करना चाहिए और पिछली भर्ती के कट आफ पर नौकरी देने की व्यवस्था करना चाहिए जो नहीं करके सरकार निंदा का पात्र बन चुकी है। राम बहादुर ने सवाल किया कि आखिर बिना परिणाम आए ही कट ऑफ कैसे तय किया जा रहा है, जबकि पिछली भर्ती के कट ऑफ पर सरकार की ओर से तय किए 20 हजार पद भरे ही नहीं गए तो इस बार कट आफ क्यों बढा रहे हैं।

यह गलत है सरकार को 40 हजार पद बढ़ाकर एक लाख आठ हजार पदों पर भर्ती करनी चाहिए और कट ऑफ पिछली भर्ती से घटानी चाहिए क्योंकि पिछली भर्ती में 20 हजार से अधिक पद नहीं भरे गए थे। उस समय भी पद घटाना पड़ा था। सरकार को बेरोजगारों और युवाओं के साथ खिलवाड़ नहीं करते हुए तत्काल उन्हें रिक्त पदों पर नियुक्ति देकर रोजगार मुहैया कराना चाहिए, अन्यथा इन बेरोजगारों व युवाओं के कोपभजन तथा आक्रोश का सामना करना सरकार को मुश्किल हो जाएगा। अभी भी समय है, कि मेरे द्वारा बेरोजगारों व युवाओं के हित मे वर्णित उपरोक्त सुझावों पर विचारकर सरकार को समाधान करना चाहिये, अन्यथा युवा खामोश नहीं बैठेगा।

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