Leaderboard Ad – Below Nav

Ad – Above Posts (Multiplex/Display)

Ad – Between Posts Section

परिषदीय विद्यालय के 1,709 शिक्षक बनेंगे आपदा प्रबंधन के मास्टर ट्रेनर

 गोंडा। जिले के परिषदीय विद्यालयों के शिक्षक आपदा प्रबंधन के मास्टर ट्रेनर बनेंगे। इसके लिए मंगलवार से मुख्यालय स्थित टाउनहाॅल में विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा।


पहले दो चरणों में दो चरणों में 11 ब्लॉकों के 1,709 शिक्षक शामिल होंगे। इस दौरान शिक्षक सांड़ से आघात, शीतलहर, ओलावृष्टि व आग से बचाव समेत विशेष जानकारी हासिल करेंगे।



जिला समन्वयक हरिगोविंद यादव ने बताया कि पहले चरण में पंडरी कृपाल, झंझरी, इटियाथोक व हलधरमऊ ब्लॉक को शामिल किया गया है। प्रत्येक ब्लॉक से 200-250 शिक्षक शामिल होंगे। इसके लिए बीएसए स्तर से आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किया गया है। चार ब्लॉकों का विशेष प्रशिक्षण मंगलवार को गांधी पार्क टाउन हाॅल में आयोजित किया जाएगा। प्रत्येक ग्राम पंचायतों में बाढ़, ओलावृष्टि, शीतलहर, भूकंप, ब्रजपात, डूबना, नाव दुर्घटना, साड़ से आघात, लू और आंधी तूफान समेत जानकारी दी जाएगी। कुल मिलाकर साढ़े आठ सौ शिक्षक प्रशिक्षण में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेंगे।

दूसरे चरण में 19 जनवरी से प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू होगा। इसमें सात ब्लॉकों के 859 शिक्षकों को शामिल किया जाएगा। पहले दो चरणों में 1,709 शिक्षक आपदा बचाव प्रशिक्षण कार्यक्रम में हिस्सा लेंगे। उन्होंने बताया कि सभी ब्लॉकों के प्रत्येक विद्यालयों के शिक्षकों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। जिसको लेकर तैयारी पूरी की गई है।

दो हजार शिक्षक बनेंगे मास्टर ट्रेनर

जिला आपदा विशेषज्ञ राजेश श्रीवास्तव ने बताया कि जिले के दो हजार शिक्षकों को मास्टर ट्रेनिंग दी जाएगी। इसमें स्वास्थ्य, फायर समेत अलग-अलग विभागों से जुड़े विषय विशेषज्ञ जरूरी प्रशिक्षण देंगे। इसमें सांड से हमले, ओलावृष्टि, शीतलहर और सर्पदंश समेत आपदा के मौके पर कैसे बचाव किया जाए। शिक्षकों को एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान विस्तृत जानकारी दी जाएगी।

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

UPTET news