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शिक्षक भर्ती को लेकर इस साल भी बनी रहेगी असमंजस की स्थिति

 प्रयागराज। बीते साल की तरह इस वर्ष भी राजकीय विद्यालयों और राजकीय महाविद्यालयों में शिक्षक भर्ती को लेकर असमंजस की स्थिति बनी रहेगी। रिक्त पदों का अधियाचन मिलने के वावजूद उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (यूपीपीएससी) भर्ती कब शुरू करेगा, यह अभी तक साफ नहीं हो सका है। वर्ष 2023 की तरह इस साल के कैलेंडर में भी इन भर्तियों को जगह नहीं मिल सकी।



पिछले साल अभ्यर्थियों ने राजकीय विद्यालयों में प्रवक्ता, एलटी ग्रेड शिक्षक के पदों पर भर्ती के लिए आयोग में दो दर्जन से अधिक बार धरना-प्रदर्शन किया और ज्ञापन सौंपा। हर बार अभ्यर्थियों को बताया गया कि समकक्ष अर्हता का निर्धारण नहीं होने की वजह से इन भर्तियों का विज्ञापन रुका हुआ है। पूरा साल बीत गया, लेकिन शासन स्तर से समकक्ष अर्हता का निर्धारण नहीं हो सका और भर्तियों लेकर असमंजस की स्थिति है।

इस बार भी आयोग ने वर्ष 2024 की भर्ती परीक्षाओं का जो कैलेंडर जारी किया है, उसमें राजकीय महाविद्यालयों में प्रवक्ता भर्ती, राजकीय इंटर कॉलेजों में प्रवक्ता भर्ती और सहायक अध्यापक (एलटी ग्रेड) शिक्षक भर्ती को शामिल नहीं किया, जबकि इन सभी पदों पर भर्ती के लिए आयोग को रिक्त पदों का अधियाचन काफी पहले मिल चुका है।

अब आयोग की ओर से कहा जा रहा है कि राजकीय डिग्री कॉलेकों में प्रवक्ता भर्ती की स्क्रीनिंग परीक्षा से संबंधित प्रस्तावित नियमावली के शासन द्वारा प्रख्यापित किए जाने के बाद इसकी परीक्षा तिथि घोषित की जाएगी। वहीं, प्रवक्ता जीसीआई, एलटी ग्रेड शिक्षक, खंड शिक्षा अधिकारी के पदों की समकक्ष अर्हता निर्धारित न होने के कारण ये भर्तियां कैलेंडर में शामिल नहीं है। इनकी परीक्षा तिथि भी बाद में घोषित की जाएगी।

प्रतियोगी छात्र संघर्ष मोर्चा के अध्यक्ष विक्की खान का कहना है कि एक तरफ बिहार सहित कई राज्यों में नियमित रूप से शिक्षक भर्तियां हो रही हैं।

वहीं, यूपी में राजकीय इंटर कॉलेजों में भर्ती के लिए अभ्यर्थियों को इंतजार करते चार से छह साल बीत चुके हैं। प्रतियोगी छात्र मोर्चा ने तय किया है कि इस मुद्दे पर 16 जनवरी को आयोग में धरना-प्रदर्शन किया जाएगा और ज्ञापन सौंपा जाएगा।

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