नई दिल्ली। नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) के तहत कर्मचारियों को सुनिश्चित (गारंटीड) पेंशन देने की दिशा में केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। इसके लिए पेंशन कोष नियामक एवं विकास प्राधिकरण (PFRDA) ने एक उच्चस्तरीय विशेषज्ञ समिति का गठन किया है, जो एनपीएस में तय पेंशन की रूपरेखा तैयार करेगी।
सरकार का उद्देश्य सेवानिवृत्ति के बाद कर्मचारियों को नियमित, सुरक्षित और भरोसेमंद पेंशन उपलब्ध कराना है। समिति ऐसा ढांचा विकसित करेगी जिससे पेंशन शुरू होने तक की पूरी प्रक्रिया सरल और पारदर्शी हो सके।
15 सदस्यीय समिति का गठन
सामाजिक सुरक्षा का दायरा बढ़ाने के तहत गठित यह समिति 15 सदस्यों की होगी। इसमें कानून, बीमा, वित्त, पूंजी बाजार और शिक्षा क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञों को शामिल किया गया है। समिति यह तय करेगी कि नौकरी के दौरान जमा किए गए पैसों से पेंशन किस तरह सुनिश्चित की जा सकती है।
क्या होंगे समिति के मुख्य काम?
सुनिश्चित पेंशन देने की प्रक्रिया और तरीका तय करना
कानूनी और बाजार आधारित गारंटी के विकल्प सुझाना
पेंशन से जुड़े नियम और शर्तें स्पष्ट करना
लॉक-इन अवधि और निकासी व्यवस्था पर दिशा-निर्देश
जोखिम प्रबंधन और कानूनी सुरक्षा के उपाय
पेंशन देने वाली संस्थाओं के लिए मजबूत नियम
कर (टैक्स) से जुड़े पहलुओं को साफ करना
ग्राहकों को गलत जानकारी से बचाने के लिए पारदर्शी व्यवस्था
समिति का फोकस यह सुनिश्चित करना होगा कि एनपीएस से जुड़ी कोई भी योजना बिना स्पष्ट जानकारी के न बेची जाए और निवेशकों के हित पूरी तरह सुरक्षित रहें।
क्यों है यह कदम अहम?
लंबे समय से एनपीएस में तय पेंशन की मांग उठती रही है। नई पहल से लाखों कर्मचारियों को सेवानिवृत्ति के बाद वित्तीय सुरक्षा मिलने की उम्मीद है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि समिति की सिफारिशें लागू होती हैं, तो एनपीएस प्रणाली पर भरोसा और मजबूत होगा।

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