प्रदेश के बेसिक शिक्षा की बदहाल हालात - दोषी कौन ???? .......गणेश दीक्षित

प्रदेश के बेसिक शिक्षा की बदहाल हालात - दोषी कौन ????
1-ट्रांसफर/ पोस्टिंग में भेदभाव ख़त्म करते हुये सभी अध्यापकों को शहरी/ शहर के पास और पिछडे/ अतिपिछडे ब्लॉक में नौकरी करने का बराबर का मौका मिले , इसके लिये भारतीय सेना और नवनियुक्त
डॉक्टरों की तरह प्रमोशन से पहले अतिपिछडे ब्लॉक में कुछ वर्षों की सर्विस को कम्पलसरी किया जाना चाहिये ।
2- बीएसए दफ्तर / डाईट , बीआरसी पर सालों से जमे अध्यापकों को स्कूल में अध्यापन कार्य में ही लगाया जाना चाहिये । क्योंकि इन दफ्तरों में पुरानी सरकारों के वफादार जमे हुये हैं और भ्रष्टाचार से बेसिक शिक्षा को बर्बाद करने में लगे हैं ।
3- एबीआरसी / एनपीआरसी पद पर पूनर्चयन परीक्षा के द्वारा किया जाना चाहिये क्योंकि इन पदों पर ज्यादातर पुरानी सरकार के वफादार लोग जमे हुये हैं और भ्रष्टाचार के लिये इतने मशहूर हैं की एबीआरसी / एनपीआरसी को एबीएसए/ बीएसए का एटीएम कहा जाता है । और ये हकीकत भी है की जबसे एबीआरसी पद का बेसिक शिक्षा में पदार्पण हुआ है तबसे इसका पराभव हो रहा है ।
क्या हमारी नयी बेसिक शिक्षामंत्री जी इन सब बातों को संज्ञान में लेते हुये कार्यवाई करेंगी ???
या सब पहले सा ही चलेगा ।
सादर ,
आपका - गणेश शंकर दीक्षित
उ.प्र.टीईटी संघर्ष मोर्चा
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