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24 feb या बाद के अचयनित याचियों को यदि कुछ मिलेगा तो वो 839 के चयन के बाद ही : आलोक शुक्ला

आलोक शुक्ला : कुछ अघोषित नेतवो को बेरोजगारो ने चन्दा नही दिया तो इस कदर झुंझला गए की विभीषण की तरह 07 दिसम्बर को एवम् बाद के याची राहत के विरोध में शिक्षा मित्रो के क हांथो अपना जमीर बेंच कर आम बेरोजगारो को फाइनल होने तक कोर्ट द्वारा अधिकांश बीएड टेट बेरोजगारो को प्रदत्त अंतरिम राहत के दुश्मन बन गए ।
90 /105 , स्क्रूटनी जैसे मुद्दे लेकर शिक्षा मित्रो के साथ मिलकर बीएड बेरोजगारो की पीठ में छुरा भोंकने का कार्य कर रहे हैं । इन हरकतों से नये विवाद का जन्म होगा और संघठित शक्तियो में कमी आयगी जिसका पूरा लाभ शासन , शिक्षा मित्र एवम् btc को मिलेगा ।हालांकि याची राहत के मुद्दे पर 90/105 का कोई मतलब नही है क्योंकि याची राहत उनको ही मिली है जिनका 15/16 अमेंडमेंट रद्द होने से हित प्रभावित हुआ है परंतु इस प्रकार की बातो से भ्र्म एवम् विवाद उतपन्न करके सयुंक्त एकता को खण्डित किया जा सकता है ।
मित्रो ----
एक बात जान ले भर्ती विवाद इन्ही नए नेतवो के कारण उलझता रहा है और sm मजबूत होता रहा है ।मैं sm विरोधी नही लेकिन मुझे भी मेरा अधिकार चाहिये ।।।
रोज रोज कीड़े मकोड़े की तरह पैदा हो रहे नेतवो के कारण इतनी रिट हो गयी है की कोर्ट को सुनवाई में दिक्कत हो रही है ।।
फिर कहता हूँ याची राहत एकेडमिक आधारित न्यू ऐड की मांग को मजबूत करता है और जो इसका विरोध करता है वो न्यू ऐड समर्थक हो ही नही सकता ।।।
आज जिस प्रकार इन छद्म बहरूपियो ने एकेडमिक समर्थक का चोला ओढ़ के चयनित याचियों और अचयनित याचियों में दीवार खड़ी की है वो किसी से छुपी नही है ।
यह भी कटु सत्य है की 24 feb या बाद के अचयनित याचियों को यदि कुछ मिलेगा तो वो 839 के चयन के बाद ही ।
इस कारण तदर्थ चयनित याची भाइयो का विरोध गलत है ।
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याची राहत में जो भी क्राइटेरिया की बात करेगा हमारे द्वारा उसका विरोध किया जायगा ।
बहुत स्पष्ट रूप से जान ले अब किसी नये नेता का जन्म मत होने दीजिये ।
जो भी रिट के नाम पर अथवा किसी अन्य मुद्दे के नाम पर मीटिंग , चन्दा आदि की मांग करे उसका पुरज़ोर विरोध किया जाना चाहिये ।
आप जिस टीम से जुड़े है उसी टीम पर विश्वास बना कर अपने लक्ष्य प्राप्ति के लिये कोशिस करें
।मेरा उद्देश्य नेतागीरी नही है और न ही चन्दा चोरी है , अपितु एक अदद नौकरी प्राप्त करना है चाहे वो फाइनल ऑर्डर से मिले या अंतरिम ऑर्डर से ।
जय माँ काली ।
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