आगरा उत्तर प्रदेश आगरा जिले के कई प्राइमरी शिक्षकों को जिला प्रशासन ने चपरासी बना दिया। दरअसल जिले के प्राइमरी शिक्षकों की ड्यूटी निकाय चुनाव में लगाई गई है।
टीचर्स असोसिएशन का कहना है कि वे अधिकारियों को शिक्षकों की प्रतिष्ठा के साथ खिलवाड़ नहीं करने देंगे। अगर जिला प्रशासन ने उनकी गलती नहीं सुधारी को सभी शिक्षक निकाय चुनाव की ड्यूटी का बहिष्कार करेंगे।
इसी हफ्ते चुनाव आयोग की तरफ से सभी डीएम को पत्र भेजा गया है। इस पत्र में कहा गया था कि सभी सरकारी कर्मचारियों की चुनावी ड्यूटी उनकी वरिष्ठता की पोस्ट के अनुसार लगाई जाए। शिक्षकों ने बताया कि वे पीठासीन अधिकारी की ड्यूटी के लिए योग्य थे। उन्हें इस ड्यूटी से हटा दिया गया है और उन्हें अब चपरासी का काम दिया गया है।
उत्तर प्रदेश टीचर्स असोसिएशन के आगरा जिले के जनरल सेकेट्री ब्रजेश दीक्षित ने कहा कि जिला प्रशासन चुनाव आयोग की गाइड लाइन का उलंघन कर रहा है। यह शिक्षकों की मर्यादा के खिलाफ है। असोसिएशन इसे कतई बर्दाश्त नहीं करेगा। अगर प्रशासन इसे ठीक नहीं करता तो पूरे आगरा जिले के शिक्षक चुनावी ड्यूटी का बहिष्कार करेंगे।
एक पीड़ित शिक्षक ने बताया कि वह एक सरकारी जूनियर हाई स्कूल में प्रिंसिपल है। उसके पढ़ाए हुए बच्चे कई सरकारी विभागों में अधिकारी हैं। अब जिला प्रशासन चाहता है कि वह चपरासी बनकर सेवा करें। यह उनकी मर्यादा के खिलाफ है और वह किसी भी कीमत में चपरासी की ड्यूटी नहीं करेंगे।
आगरा के सीडीओ रवींद्र कुनार ने बताया कि कुछ मामलों में सरकारी शिक्षकों की ग्रेड 4 में ड्यूटी लग गई है। उन्होंने इसे तकनीकि गलती बताते हुए कहा कि सभी शिक्षकों को अधिकारी की ग्रेड 1 पर ड्यूटी लगाई जाएगी।
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टीचर्स असोसिएशन का कहना है कि वे अधिकारियों को शिक्षकों की प्रतिष्ठा के साथ खिलवाड़ नहीं करने देंगे। अगर जिला प्रशासन ने उनकी गलती नहीं सुधारी को सभी शिक्षक निकाय चुनाव की ड्यूटी का बहिष्कार करेंगे।
इसी हफ्ते चुनाव आयोग की तरफ से सभी डीएम को पत्र भेजा गया है। इस पत्र में कहा गया था कि सभी सरकारी कर्मचारियों की चुनावी ड्यूटी उनकी वरिष्ठता की पोस्ट के अनुसार लगाई जाए। शिक्षकों ने बताया कि वे पीठासीन अधिकारी की ड्यूटी के लिए योग्य थे। उन्हें इस ड्यूटी से हटा दिया गया है और उन्हें अब चपरासी का काम दिया गया है।
उत्तर प्रदेश टीचर्स असोसिएशन के आगरा जिले के जनरल सेकेट्री ब्रजेश दीक्षित ने कहा कि जिला प्रशासन चुनाव आयोग की गाइड लाइन का उलंघन कर रहा है। यह शिक्षकों की मर्यादा के खिलाफ है। असोसिएशन इसे कतई बर्दाश्त नहीं करेगा। अगर प्रशासन इसे ठीक नहीं करता तो पूरे आगरा जिले के शिक्षक चुनावी ड्यूटी का बहिष्कार करेंगे।
एक पीड़ित शिक्षक ने बताया कि वह एक सरकारी जूनियर हाई स्कूल में प्रिंसिपल है। उसके पढ़ाए हुए बच्चे कई सरकारी विभागों में अधिकारी हैं। अब जिला प्रशासन चाहता है कि वह चपरासी बनकर सेवा करें। यह उनकी मर्यादा के खिलाफ है और वह किसी भी कीमत में चपरासी की ड्यूटी नहीं करेंगे।
आगरा के सीडीओ रवींद्र कुनार ने बताया कि कुछ मामलों में सरकारी शिक्षकों की ग्रेड 4 में ड्यूटी लग गई है। उन्होंने इसे तकनीकि गलती बताते हुए कहा कि सभी शिक्षकों को अधिकारी की ग्रेड 1 पर ड्यूटी लगाई जाएगी।
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