BAREILLY: अंतर जनपदीय तबादला, समायोजन और शिक्षा विद्यालयों की मूल
तैनाती. इन मामलों में शिक्षा विभाग ऐसा उलझा है कि बच्चों की पढ़ाई किनारे
हो गई है. आलम यह है कि टीचर्स विभाग के चक्कर लगाने में परेशान हैं और
बच्चे स्कूलों में गुरुजी के इंतजार में बैठे रह जा रहे हैं.
अंतर जनपदीय ट्रांसफर का चक्कर
415 ट्रांसफर होकर आए
227 ने ज्वॉइन किया
188 अभी तक पेंडिंग
अंतर जनपदीय ट्रांसफर होकर आए 415 शिक्षकों में से अभी तक केवल 227 ने
ही ज्वॉइन किया है. करीब 188 टीचर्स ऐसे हैं जो स्कूल नहीं पहुंच पा रहे
हैं. वहीं महिला टीचर्स अपनी सुरक्षा को खतरा बताकर ज्वॉइन करने से इंकार
रही हैं. बीएसए ने उनकी दुबारा काउंसलिंग भी की. लेकिन अभी तक यह क्लियर
नहीं किया है कि काउंसिलिंग के बाद किसी भी टीचर को ज्वॉइनिंग दी जा रही है
या नहीं.
शिक्षामित्र भी अटके
1300 शिक्षामित्रों को मूल विद्यालय आना था
400-500 अभी नहीं हो सके हैं तैनात
इसी तरहशिक्षामित्रों की मूल विद्यालयों में तैनाती का मामला भी चल रहा
है. महीने भर से पहले लगभग 1300 शिक्षामित्रों को अपने मूल विद्यालयों में
वापस तैनाती करनी थी. इसमें अभी भी करीब 400 से 500 शिक्षामित्र ऐसे बचे
हैं, जिनकी तैनाती नहीं हो सकी है.
इधर समायोजन में भी मुश्किल
इन सबके बीच समायोजन का मामला भी अटका पड़ा है. सर्व शिक्षा अभियान के
तहत एक स्कूल में 30 स्टूडेंट्स पर एक टीचर अनिवार्य है. समायोजन को 30
सितम्बर 2017 के आंकड़ों के अनुसार हो हा है. लेकिन इस बार 2018 में
स्कूलों में स्टूडेंट्स की संख्या कहीं बढ़ी है तो कहीं घटी है. इस तरह
समायोजन में भ्ाी मुश्किल आ रही है.
वर्जन
अभी मामलों की जांच चल रही है. कोई निर्णय नहीं लिया गया है. जांच के बाद ही कोई फैसला लिया जाएगा.
-तनुजा मिश्रा
बीएसए
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