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यूपी में 33 टीचरों को नौकरी से निकाला गया, जॉब पाने के लिए की थे ये चालाकी

उत्तर प्रदेश के बेसिक शिक्षा विभाग में कथित तौर पर फर्जी मार्कशीट के आधार पर नौकरी पाने वाले मथुरा के 59 अध्यापकों के खिलाफ जांच के बाद 33 शिक्षकों को बर्खास्त करने का आदेश दिया गया है।
कार्यवाहक बेसिक शिक्षाधिकारी रामतीर्थ वर्मा ने यहां संवाददाताओं से कहा, ''वर्ष 2004-05 में आगरा विवि से बीएड की डिग्री हासिल करने वाले जिन 33 शिक्षकों की मार्कशीट फर्जी पाई गई थी, उनकी बर्खास्तगी की जा रही है। जबकि छेड़छाड़ की गई मार्कशीट वाले शेष शिक्षकों के मामले की जांच जारी है।
सूत्रों के अनुसार इस मामले की जांच के लिए 2016 में गठित विशेष जांच टीम (एसआईटी) की छानबीन में आगरा स्थित डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय के सत्र 2004-05 में बीएड डिग्री हासिल करने वाले 4,700 शिक्षकों की अंकतालिकाएं गड़बड़ पाई गई थी।

उन्होंने बताया कि इनमें से कई डिग्रियां पूरी तरह से फर्जी थी, तो कई की मार्कशीट्स में छेड़छाड़ की गई थी। इसमें मथुरा के 59 शिक्षकों के कागजात भी फर्जी पाए गए थे। उन्होंने बताया कि इन सभी को सितम्बर माह में निलंबित कर दिया गया था। गत माह इन सभी को सेवा समाप्ति का नोटिस देते हुए 26 नवम्बर तक अपना पक्ष रखने का समय दिया गया था। इनके खिलाफ एसआईटी द्वारा बर्खास्तगी की कार्रवाई की संस्तुति पर जिला बेसिक शिक्षाधिकारी चंद्रशेखर ने 33 अध्यापकों को बर्खास्त करने का आदेश जारी किया है। 

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