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UPPSC: सरकार को भेजा मांगपत्र, अनदेखी पर आंदोलन

 प्रयागराज : उत्तर प्रदेश लोकसेवा आयोग की व्यवस्था बदलने के लिए प्रतियोगी छात्रों ने मुहिम तेज कर दी है। सीबीआइ जांच तेज करने, जिन अभ्यर्थियों की आयुसीमा खत्म हो गई है उन्हें अतिरिक्त मौका देने, क्षैतिज आरक्षण का नियम बदलने सहित 11 सूत्रीय मांगों को लेकर प्रतियोगी छात्र आर-पार की लड़ाई छेड़ेंगे।



पत्र मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को संबोधित है वहीं, उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य व डॉ. दिनेश शर्मा, कानून मंत्री ब्रजेश पाठक, मुख्य सचिव शासन, अध्यक्ष लोकसेवा आयोग डॉ. प्रभात कुमार, प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री, प्रमुख सचिव काíमक एवं नियुक्ति को भी प्रतिलिपि भेजी है। समिति मीडिया प्रभारी प्रशांत पांडेय कहते हैं कि अब मनमानी स्वीकार नहीं की जाएगी।

’पीसीएस सहित समस्त परीक्षाओं में 20} क्षैतिज आरक्षण का लाभ केवल यूपी की महिला को मिले’पीसीएस मुख्य परीक्षा के लिए आवेदित अभ्यर्थियों की संख्या 10 } की जाए’पीसीएस मुख्य परीक्षा में विवि द्वारा प्रदान विषय शामिल करें’ओवरएज अभ्यर्थियों को दो अतिरिक्त मौका दें’न्यायिक सिविल सेवा में मात्र चार अवसर की बाध्यता खत्म हो’सीधी भर्तियों में स्क्रीनिंग परीक्षा के अंक को जोड़कर अंतिम चयन सूची जारी हो’साक्षात्कार के दौरान लोकसेवा आयोग में जैमर लगे, लैंडलाइन फोन निष्क्रिय रहें’कापी ऑनलाइन देखने की सुविधा हो’ परिणाम के साथ प्रतीक्षा सूची जारी हो’सीबीआइ जांच में तेजी के लिए टास्क फोर्स गठित हो ’2013 से अभी तक आंदोलन के कारण छात्रों पर दर्ज एफआइआर रद की जाए।

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