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स्थानांतरण को लेकर निदेशालय में जुटे शिक्षक

 प्रदेश के सहायता प्राप्त अशासकीय महाविद्यालयों में कार्यरत सैकड़ों प्राध्यापकों के लंबित एकल स्थानांतरण मामलों के शीघ्र निस्तारण की मांग को लेकर मंगलवार को 1.30 बजे उच्च शिक्षा निदेशालय में लगभग डेढ़ सौ शिक्षक एकत्र हुए। उत्तर प्रदेश विश्वविद्यालय-महाविद्यालय शिक्षक महासंघ (फुपुक्टा) के महामंत्री प्रो. प्रदीप सिंह के नेतृत्व में शिक्षकों ने निदेशक उच्च शिक्षा डॉ. अमित भारद्वाज को इस विषय में ज्ञापन सौंपा।



शिक्षकों ने कहा कि वर्ष 2023 के बाद से एकल स्थानांतरण की प्रक्रिया ठप पड़ी है। वर्ष 2024 में आवश्यक औपचारिकताएं पूर्ण कर ली गई थीं, परंतु स्थानांतरण नीति में संशोधन के कारण प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ सकी। शासन की ओर से जारी 20 दिसंबर 2024 की अधिसूचना के तहत स्थानांतरण की न्यूनतम सेवा अवधि पांच वर्ष से घटाकर तीन वर्ष कर दी गई। इसके बावजूद अब तक मात्र चार किश्तों में कुल 29 स्थानांतरण ही संपन्न हुए हैं। वहीं, 17 जुलाई 2025 को केवल एक अध्यापक के स्थानांतरण की सूची जारी की गई। शिक्षकों ने कहा कि यह प्रक्रिया अत्यंत धीमी है और लंबे समय से लंबित मामलों के चलते वे मानसिक तनाव, पारिवारिक दायित्वों और व्यक्तिगत कठिनाइयों का सामना कर रहे हैं। ज्ञापन में आग्रह किया गया कि लंबित पत्रावलियों का शीघ्र निस्तारण कर शिक्षक समाज को राहत प्रदान की जाए। डॉ. अमित भारद्वाज ने शिक्षकों को आश्वासन दिया कि वे इस मुद्दे पर शीघ्र ही सचिवालय एवं उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय से वार्ता करेंगे तथा लंबित स्थानांतरण शीघ्र संपन्न कराने का प्रयास करेंगे।

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