उत्तर प्रदेश के रायबरेली जिले में कार्यरत शिक्षकों के लिए बड़ी राहत की खबर सामने आई है। लंबे समय से चयन वेतनमान का इंतजार कर रहे 837 परिषदीय शिक्षकों को आखिरकार उनका चयन वेतनमान (Selection Pay Scale) स्वीकृत कर दिया गया है। आदेश जारी होते ही जिले के शिक्षक समुदाय में खुशी की लहर दौड़ गई है।
✅ वर्षों बाद जारी हुआ चयन वेतनमान आदेश
जानकारी के अनुसार, यह आदेश जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी द्वारा जारी किया गया है। चयन वेतनमान के लिए पात्र शिक्षकों की सूची पहले ही जिले के 14 खंड शिक्षा अधिकारियों द्वारा तैयार कर भेज दी गई थी, लेकिन तकनीकी और प्रशासनिक कारणों से प्रक्रिया लंबित चल रही थी।
अब सभी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद योग्य पाए गए 837 शिक्षकों को चयन वेतनमान का लाभ दिया जा रहा है।
📌 क्या होता है चयन वेतनमान?
चयन वेतनमान वह सुविधा है जो शिक्षकों को निश्चित सेवा अवधि पूरी करने के बाद दी जाती है। इसका उद्देश्य शिक्षकों को अनुभव और सेवा के आधार पर आर्थिक प्रोत्साहन देना होता है।
मुख्य लाभ:
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वेतन में बढ़ोतरी
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सेवा संतुष्टि में सुधार
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आर्थिक स्थिरता
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सेवानिवृत्ति लाभों में इजाफा
👩🏫👨🏫 शिक्षकों में खुशी, लंबे संघर्ष का मिला परिणाम
जिन शिक्षकों को यह लाभ मिला है, वे काफी समय से चयन वेतनमान के लिए प्रयासरत थे। आदेश जारी होने के बाद शिक्षकों ने इसे न्याय की जीत बताया है। कई शिक्षक ऐसे थे जो सेवानिवृत्ति के करीब पहुंच चुके थे, उनके लिए यह फैसला बेहद राहत भरा है।
🏫 शिक्षा व्यवस्था पर पड़ेगा सकारात्मक असर
विशेषज्ञों का मानना है कि इस फैसले से न सिर्फ शिक्षकों का मनोबल बढ़ेगा, बल्कि इसका सीधा सकारात्मक प्रभाव विद्यालयों की शिक्षण गुणवत्ता पर भी पड़ेगा। जब शिक्षक संतुष्ट होंगे, तो छात्रों को भी बेहतर शिक्षा मिलेगी।
🔔 अन्य जिलों के शिक्षकों को भी उम्मीद
रायबरेली के बाद अब प्रदेश के अन्य जिलों में कार्यरत शिक्षक भी चयन वेतनमान आदेश की उम्मीद लगाए बैठे हैं। माना जा रहा है कि आने वाले समय में बाकी लंबित मामलों पर भी विभागीय स्तर पर कार्रवाई हो सकती है।
📢 निष्कर्ष
रायबरेली के 837 शिक्षकों को चयन वेतनमान मिलना एक ऐतिहासिक और राहत भरा फैसला है। यह निर्णय न केवल शिक्षकों के अधिकारों की पुष्टि करता है, बल्कि शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में भी एक अहम कदम है।