प्रयागराज में 2.87 लाख मतदाताओं को नोटिस अटका, SIR अभियान पर संकट प्रोफॉर्मा न आने से फरवरी की डेडलाइन पर संकट

 प्रयागराज जिले में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR – Special Intensive Revision) अभियान के तहत बड़ी प्रशासनिक चुनौती सामने आ गई है। जिले के 2,87,612 मतदाताओं को नोटिस जारी किया जाना है,

लेकिन जनवरी के 12 दिन बीत जाने के बावजूद एक भी नोटिस जारी नहीं हो सका है। इसका मुख्य कारण लखनऊ से नोटिस का प्रोफॉर्मा (प्रपत्र) जारी न होना बताया जा रहा है।


🗳️ SIR अभियान में क्या है मामला?

मतदाता सूची की शुद्धता सुनिश्चित करने के लिए निर्वाचन आयोग द्वारा SIR अभियान चलाया जा रहा है। इसके तहत:

  • संदिग्ध या अप्रमाणित मतदाताओं को नोटिस

  • जवाब दाखिल करने का अवसर

  • ईआरओ (Electoral Registration Officer) कोर्ट में सुनवाई

  • अंतिम निर्णय के बाद सूची का निस्तारण

लेकिन प्रयागराज में यह प्रक्रिया प्रारंभिक चरण में ही अटकी हुई है


📄 नोटिस क्यों नहीं जारी हो पाए?

नोटिस जारी न होने के पीछे सबसे बड़ा कारण:

  • लखनऊ से नोटिस का आधिकारिक प्रोफॉर्मा जारी न होना

  • बिना निर्धारित प्रारूप के नोटिस जारी करना संभव नहीं

  • प्रपत्र आने के बाद ही जवाब और सुनवाई की प्रक्रिया शुरू हो सकेगी


⏳ फरवरी की समयसीमा पर खतरा

चूंकि निर्वाचन आयोग ने यह कार्य फरवरी तक पूरा करने के निर्देश दिए हैं, ऐसे में देरी चिंता का विषय बन गई है।
2.87 लाख नोटिस, जवाब और सुनवाई कोई छोटा काम नहीं है।

इसी गंभीरता को देखते हुए:

  • जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा ने

  • निर्वाचन कार्यालय में कर्मचारियों की संख्या बढ़ा दी है


🏛️ आगे क्या होगी प्रक्रिया?

प्रोफॉर्मा आते ही:

  1. सभी चिन्हित मतदाताओं को नोटिस जारी

  2. मतदाताओं द्वारा जवाब दाखिल

  3. ईआरओ कोर्ट में सुनवाई

  4. फरवरी में मामलों का निस्तारण


⚠️ प्रशासनिक चुनौती और संभावित असर

यदि समय पर प्रोफॉर्मा नहीं आया तो:

  • SIR अभियान की समयसीमा प्रभावित हो सकती है

  • आगामी चुनावी प्रक्रिया पर असर पड़ सकता है

  • मतदाता सूची के अंतिम प्रकाशन में देरी संभव


🔎 निष्कर्ष (Conclusion)

प्रयागराज में SIR अभियान फिलहाल लखनऊ से प्रोफॉर्मा जारी होने का इंतजार कर रहा है। प्रशासन पूरी तरह तैयार है, लेकिन तकनीकी औपचारिकताओं के कारण कार्य आगे नहीं बढ़ पा रहा। अब देखना होगा कि आने वाले दिनों में यह बाधा कब दूर होती है।

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