प्रयागराज में असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती परीक्षा में सामने आई व्यापक अनियमितताओं को लेकर प्रतियोगी छात्रों का आंदोलन लगातार तेज होता जा रहा है। परीक्षा रद्द किए जाने के बाद भी छात्र संतुष्ट नहीं हैं और अब उन्होंने परीक्षा नियंत्रक के खिलाफ सीधी कार्रवाई की मांग शुरू कर दी है।
📧 राज्यपाल को ई-मेल से भेजा ज्ञापन
सोमवार को प्रतियोगी छात्रों ने ई-मेल के माध्यम से राज्यपाल को ज्ञापन भेजकर पूरे मामले में हस्तक्षेप की मांग की। छात्रों ने कहा कि परीक्षा रद्द होना एक जरूरी कदम है, लेकिन यह समस्या का स्थायी समाधान नहीं है।
⚠️ दोषियों पर कार्रवाई तक जारी रहेगी मुहिम
छात्रों का कहना है कि जब तक—
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परीक्षा नियंत्रक को पद से हटाया नहीं जाता
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अन्य दोषी कर्मचारियों की पहचान कर कार्रवाई नहीं होती
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पूरे प्रकरण की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच नहीं कराई जाती
तब तक उनका विरोध प्रदर्शन और अभियान जारी रहेगा।
🔍 निष्पक्ष जांच की मांग
ज्ञापन में छात्रों ने मांग की है कि भर्ती परीक्षा में हुई गड़बड़ियों की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच कराई जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की अनियमितताओं की पुनरावृत्ति न हो। छात्रों का आरोप है कि परीक्षा प्रक्रिया में गंभीर स्तर पर लापरवाही और अनियमितताएं हुई हैं, जिससे हजारों अभ्यर्थियों का भविष्य प्रभावित हुआ है।
🧑🎓 प्रतियोगी छात्रों का कहना
छात्रों ने स्पष्ट किया कि वे किसी व्यक्ति विशेष के खिलाफ नहीं, बल्कि प्रणाली की खामियों और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ न्याय की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि यदि दोषियों पर समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो यह आंदोलन और व्यापक रूप ले सकता है।
📝 निष्कर्ष
असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती परीक्षा में अनियमितताओं का मामला अब केवल परीक्षा रद्द होने तक सीमित नहीं रहा है। प्रतियोगी छात्र अब जवाबदेही और दंडात्मक कार्रवाई की मांग पर अड़े हैं, जिससे शासन-प्रशासन पर दबाव बढ़ता जा रहा है।