📰 टीईटी अनिवार्यता को लेकर शिक्षकों में बढ़ता असंतोष
लखनऊ में उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ ने टीईटी अनिवार्यता, वेतन विसंगति और गैर-शैक्षणिक कार्यों में शिक्षकों की तैनाती जैसे मुद्दों को लेकर गहरी नाराजगी जताई है।
संघ का कहना है कि टीईटी को अनिवार्य किए जाने के कारण प्रदेश के लगभग दो लाख शिक्षक मानसिक रूप से आहत और निराश हैं।
संघ ने प्रभावित शिक्षकों को तत्काल छूट देने की मांग की है।
🏛️ शिक्षकों की बैठक में उठे अहम मुद्दे
रविवार को हजरतगंज स्थित डिप्लोमा इंजीनियर्स संघ भवन में आयोजित बैठक में संघ के प्रदेश अध्यक्ष सुशील कुमार पांडे ने कहा कि—
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वेतन विसंगतियों को लेकर
कई बार ज्ञापन दिए गए -
लेकिन अब तक
कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई
उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो संगठन आंदोलन को मजबूर होगा।
🚩 खंड शिक्षा अधिकारियों के खिलाफ आंदोलन का निर्णय
बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि—
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शिक्षकों को प्रताड़ित करने वाले
खंड शिक्षा अधिकारियों के खिलाफ
धरना-प्रदर्शन किया जाएगा -
संगठन के नाम का दुरुपयोग कर
शिक्षकों का शोषण करने वाले
तथाकथित लोगों पर
कड़ी कार्रवाई और मुकदमा दर्ज कराया जाएगा
📚 बीएलओ ड्यूटी से प्रभावित हो रही पढ़ाई
संघ ने गैर-शैक्षणिक कार्यों पर गंभीर चिंता जताई।
कहा गया कि—
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विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान में
बड़ी संख्या में शिक्षकों को
बीएलओ ड्यूटी में लगाया गया -
इससे शिक्षा का अधिकार अधिनियम प्रभावित हो रहा है
संघ ने दो टूक कहा कि देश का विकास शिक्षा से जुड़ा है, इसलिए बच्चों की पढ़ाई सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।
💰 प्रोन्नत वेतनमान और अन्य मांगें
बैठक में निम्न मांगें प्रमुख रूप से रखी गईं—
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प्रोन्नत वेतनमान पर
20% बाध्यता समाप्त की जाए -
सरप्लस समायोजन के खिलाफ
शासन स्तर पर बात रखी जाए -
पीड़ित शिक्षकों को
शीघ्र राहत दी जाए
इसके साथ ही—
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शिक्षकों, शिक्षामित्रों,
अनुदेशकों और रसोइयों के परिवारों के लिए
फ्री चिकित्सा और स्वास्थ्य सुरक्षा -
इसके लिए शीघ्र
राजाज्ञा जारी करने की मांग भी उठी
🧑🏫 संगठनात्मक मजबूती पर भी जोर
संगठन ने भविष्य की रणनीति पर चर्चा करते हुए—
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प्रदेश और जिलों में
शैक्षिक सम्मेलन कराने -
साल में दो बार
ऑफलाइन बैठक -
हर महीने
ऑनलाइन बैठक -
और महिला प्रकोष्ठ गठन
जैसे प्रस्तावों पर सहमति जताई
👥 बैठक में ये पदाधिकारी रहे मौजूद
बैठक में—
संयुक्त मंत्री आलोक मिश्र,
कोषाध्यक्ष ठाकुरदास यादव,
प्रदेश उपाध्यक्ष अनुज त्यागी,
संगठन मंत्री बृजेश दीक्षित,
अजय सिंह, नीलिमा देशवाल,
नरेश कौशिक, मनोज सिंह,
हरि शंकर राठौर
सहित सभी जिलों के अध्यक्ष और मंत्री मौजूद रहे।
🟢 निष्कर्ष
टीईटी अनिवार्यता, वेतन विसंगति और गैर-शैक्षणिक कार्यों को लेकर शिक्षक समुदाय में असंतोष लगातार बढ़ रहा है। यदि सरकार ने समय रहते समाधान नहीं किया तो आने वाले दिनों में शिक्षक आंदोलन और तेज हो सकता है।