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जूनियर एडेड प्रधानाध्यापक भर्ती में अनुभव प्रमाणपत्र से छूट की मांग का विरोध

 प्रयागराज :अशासकीय सहायता प्राप्त (एडेड) जूनियर हाईस्कूल की वर्ष 2021 की शिक्षक भर्ती में प्रधानाध्यापक पद के अनुभव प्रमाणपत्र को लेकर अभ्यर्थियों में दो गुट बन गए हैं।

कटआफ सूची में रिक्त पदों के सापेक्ष जारी क्रमांक में ऊपरी क्रम के अभ्यर्थी विद्यालय द्वारा अनुमोदन नहीं लिए जाने के कारण अनुभव प्रमाणपत्र से राहत की मांग कर रहे हैं तो नीचे क्रम के अभ्यर्थी अनुभव प्रमाणपत्र की अनिवार्यता को सही बता रहे प्रधानाध्यापक के 253 पदों पर चयन के लिए काउंसलिंग कराई जा चुकी है, जिसमें करीब 100 अभ्यर्थियों ने बीएसए द्वारा जारी अनुभव प्रमाणपत्र लगाए हैं। इसके आधार पर चयन किए जाने पर शेष बचे पदों के लिए द्वितीय काउंसलिंग में निचले क्रम के अनुभव प्रमाणपत्रधारी अभ्यर्थियों को नियुक्ति मिलने की उम्मीद है। हैं।



प्रधानाध्यापक पद के लिए 15, 16, 17 व 19 जनवरी को काउंसलिंग कराई गई। 253 पदों

के सापेक्ष 506 अभ्यर्थियों को काउंसलिंग के लिए बुलाया गया था। ज्यादा संख्या में अभ्यर्थियों ने अनुभव प्रमाणपत्र नहीं लगाए गए हैं। अभ्यर्थियों का कहना है कि चयन का अनुमोदन कराने की जिम्मेदारी संबंधित वित्तविहीन विद्यालयों की थी, लेकिन न तो विद्यालयों ने ध्यान दिया और न ही विभाग और शासन ने। ऐसे में पांच वर्ष से ज्यादा समय तक वित्तविहीन विद्यालयों में पढ़ाने वालों की कोई गलती नहीं है। कुछ ऐसे वित्तविहीन विद्यालय हैं, जिन्होने विज्ञापन जारी कर आवेदन लेकर चयन प्रक्रिया पूरी की और उसका अनुमोदन बीएसए से कराया, जिसके कारण उन्हें अनुभव प्रमाणपत्र जारी किया गया है। अभ्यर्थियों का दावा है कि करीब 100 अभ्यर्थियों ने काउंसलिंग के समय अनुभव प्रमाणपत्र प्रस्तुत किए हैं। ऐसे में मांग की गई है कि रिक्त रह जाने वाले पदों पर नियुक्ति के लिए नीचे के क्रम के अनुभव प्रमाणपत्र वाले अभ्यर्थियों का चयन काउंसलिंग के माध्यम से किया जाए।

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