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यूपी में प्राइमरी स्कूल शिक्षकों के समायोजन में बड़ी अनियमितताएं, दिव्यांग और बीमार शिक्षिकाओं की परेशानी बढ़ी

 लखनऊ से सामने आई खबर के अनुसार, उत्तर प्रदेश के प्राइमरी स्कूलों में प्रधानाध्यापक और शिक्षकों के समायोजन में गंभीर अनियमितताएं उजागर हुई हैं। अधिकारियों ने कई शिक्षिकाओं को उनके घर से 25 से 40 किलोमीटर दूर के स्कूलों में तैनात कर दिया है, जबकि इनमें कुछ कैंसर, दिल और लकवा जैसी गंभीर बीमारियों से पीड़ित हैं।

विशेष मामला मोहनलालगंज का है, जहां खुजेहटा प्राइमरी स्कूल में तैनात कैंसर पीड़ित दिव्यांग शिक्षिका जुलाई 2018 से सेवा में हैं। उनका इलाज गोमतीनगर के निजी अस्पताल में चल रहा है, इसके बावजूद उन्हें गोसाईगंज के स्कूल में समायोजित किया गया। इसी तरह बीकेटी में बाईपास सर्जरी करवा चुकी शिक्षिका और काकोरी की लकवा से ग्रस्त प्रधानाध्यापिका को भी बिना किसी सहायता के दूरस्थ स्कूल में समायोजन किया गया।

50 से अधिक शिक्षिकाओं ने बुधवार को बीएसए कार्यालय और बीईओ कार्यालय में समायोजन में हुई खामियों की लिखित शिकायत दर्ज कराई। प्राथमिक शिक्षक प्रशिक्षित स्नातक एसोसिएशन के प्रांतीय अध्यक्ष विनय सिंह ने कहा कि शिक्षकों से बिना विकल्प लिए समायोजन नियमों के विरुद्ध किया गया है। साथ ही समायोजन से पहले विद्यालयों में अधिक शिक्षकों की सूची भी प्रकाशित नहीं की गई।

इस समायोजन से केवल शिक्षकों की कार्य क्षमता और मानसिक स्वास्थ्य प्रभावित नहीं हुआ है, बल्कि बच्चों की पढ़ाई और स्कूल की शिक्षा गुणवत्ता पर भी असर पड़ने की संभावना है। शिक्षा विभाग और प्रशासन को तुरंत सुधारात्मक कदम उठाकर शिक्षक सुरक्षा, स्वास्थ्य और नियमों के अनुरूप तैनाती सुनिश्चित करनी चाहिए।

यह मामला शिक्षा प्रशासन, शिक्षक अधिकार, समायोजन नीति और सरकारी स्कूल कर्मचारियों से जुड़े हाई CPC RPM कीवर्ड्स के लिहाज से अत्यंत महत्वपूर्ण है।

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