Advertisement

Govt Jobs : Opening

विधानसभा बजट सत्र: शिक्षा बजट, शिक्षक भर्ती और गुणवत्ता पर उठे गंभीर सवाल

 विधानसभा बजट सत्र के आठवें दिन सदन में प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था को लेकर व्यापक चर्चा हुई। सदस्यों ने शिक्षा बजट, लंबित भर्तियों, डिजिटल संसाधनों और सीखने के स्तर पर चिंता जताई।


📊 शिक्षा बजट पर सवाल

  • कुल बजट का लगभग 12% प्रावधान शिक्षा के लिए।

  • सवाल उठा कि इतने सीमित आवंटन में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा कैसे सुनिश्चित होगी?

विशेषज्ञ मानते हैं कि बुनियादी ढांचे, शिक्षक भर्ती और डिजिटल संसाधनों के लिए पर्याप्त वित्तीय समर्थन आवश्यक है।


👩‍🏫 69,000 शिक्षक भर्ती लंबित

  • 69,000 शिक्षकों की भर्ती अब भी लंबित बताई गई।

  • पिछले सात वर्षों में लगभग 30,000 शिक्षक सेवानिवृत्त हो चुके हैं।

  • 9,508+ एकल शिक्षक विद्यालयों में करीब 6 लाख बच्चे पढ़ रहे हैं।

एकल शिक्षक विद्यालयों की संख्या शिक्षा गुणवत्ता पर सीधा असर डालती है, खासकर ग्रामीण और दूरदराज क्षेत्रों में।


💻 डिजिटल शिक्षा के दावे बनाम जमीनी हकीकत

डिजिटल शिक्षा को लेकर सरकार के दावों पर भी सवाल उठे:

  • कई विद्यालयों में टैबलेट और लैपटॉप की कमी।

  • इंटरनेट और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर सीमित।

आज के समय में डिजिटल साक्षरता को अनिवार्य माना जा रहा है, ऐसे में संसाधनों की कमी चिंता का विषय है।


📚 ASER रिपोर्ट के आंकड़े

ASER रिपोर्ट के अनुसार:

  • कक्षा 8 के 45% विद्यार्थी गुणा-भाग नहीं कर पाते।

  • 23% छात्र बुनियादी जोड़-घटाव में कमजोर हैं।

ये आंकड़े बुनियादी शिक्षा स्तर में सुधार की आवश्यकता को दर्शाते हैं।


🏫 विद्यालय मर्जर का प्रभाव

विद्यालयों के मर्जर (विलय) से ग्रामीण क्षेत्रों में, विशेषकर बेटियों की शिक्षा पर प्रतिकूल असर पड़ने की बात कही गई। दूरी बढ़ने से उपस्थिति और निरंतरता प्रभावित हो सकती है।


❓ सरकार से मांगे गए जवाब

  • लंबित शिक्षक भर्ती कब पूरी होगी?

  • शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने का स्पष्ट रोडमैप क्या है?

  • डिजिटल संसाधनों की उपलब्धता कब सुनिश्चित होगी?


📌 निष्कर्ष

शिक्षा केवल बजट का विषय नहीं, बल्कि प्रदेश के भविष्य का प्रश्न है। शिक्षक भर्ती, बुनियादी ढांचा और सीखने के स्तर में सुधार के लिए ठोस और समयबद्ध कार्रवाई की आवश्यकता है। आने वाले दिनों में सरकार की प्रतिक्रिया और ठोस कदमों पर सभी की नजरें रहेंगी।

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

UPTET news