पिछड़ा दलित संयुक्त मोर्चा के प्रदेश मीडिया प्रभारी राजेश चौधरी ने कहा कि पीड़ित अभ्यर्थी वर्ष 2020 से हाई कोर्ट में याचिका दायर
कर याची लाभ' की मांग कर रहे
हैं। 13 अगस्त 2024 को हाई कोर्ट की डबल बेंच ने भर्ती सूची को रद कर नई सूची बनाने का आदेश दिया था, जिसमें आरक्षण नियमावली के पालन के निर्देश दिए गए थे, लेकिन विभाग ने अनुपालन नहीं किया। अब प्रकरण पिछले 18 महीने से सुप्रीम कोर्ट में लंबित है। मोर्चा पदाधिकारियों का आरोप है कि राज्य सरकार की ओर से पर्याप्त पैरवी न होने के कारण मामला लंबित है, जिससे अभ्यर्थियों की आर्थिक और सामाजिक स्थिति प्रभावित हो रही है। यदि सरकार 19 मार्च की सुनवाई में 'याची लाभ' का प्रस्ताव प्रस्तुत करती है, तो यह विवाद समाप्त हो सकता है

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