देशभर में Teacher Eligibility Test (TET) को अनिवार्य बनाए जाने के खिलाफ शिक्षकों का विरोध तेज हो गया है। विभिन्न शिक्षक संगठनों ने इस फैसले के खिलाफ बड़ा आंदोलन करने का ऐलान किया है। बताया जा रहा है कि शिक्षक दिल्ली में संसद मार्च और संसद का घेराव करने की तैयारी कर रहे हैं।
शिक्षक संगठनों का कहना है कि कई वर्षों से सेवा दे रहे शिक्षकों पर अचानक TET की अनिवार्यता लागू करना अनुचित है और इससे हजारों शिक्षकों की नौकरी पर संकट आ सकता है।
दिल्ली में हुई शिक्षक संगठनों की बैठक
इस मुद्दे पर Teachers Federation of India की कोर कमेटी की बैठक दिल्ली के कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न राज्यों के शिक्षक नेताओं ने भाग लिया और TET अनिवार्यता के खिलाफ बड़े आंदोलन की रणनीति बनाई।
बैठक में यह प्रस्ताव रखा गया कि दिल्ली के रामलीला मैदान से संसद मार्च किया जाएगा और उसके बाद संसद का घेराव किया जाएगा।
1 से 12 अप्रैल के बीच हो सकता है संसद मार्च
शिक्षक संगठनों के अनुसार संसद मार्च और घेराव का कार्यक्रम 1 अप्रैल से 12 अप्रैल के बीच आयोजित किया जा सकता है। इसकी अंतिम तारीख की घोषणा जल्द की जाएगी।
यदि दिल्ली सरकार से अनुमति नहीं भी मिलती है तो भी शिक्षक संगठन आंदोलन करने के लिए तैयार हैं।
देशभर के शिक्षक संगठन आंदोलन में शामिल
इस आंदोलन में उत्तर प्रदेश सहित कई राज्यों के शिक्षक संगठनों ने समर्थन दिया है। बैठक में शामिल प्रमुख पदाधिकारी:
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राष्ट्रीय अध्यक्ष योगेश त्यागी
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विभिन्न राज्यों के शिक्षक संघ प्रतिनिधि
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उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, झारखंड, राजस्थान और छत्तीसगढ़ के शिक्षक नेता
इन सभी संगठनों ने संयुक्त रूप से आंदोलन को राष्ट्रीय स्तर पर ले जाने का निर्णय लिया।
चार चरणों में आंदोलन की तैयारी
शिक्षक संगठनों ने आंदोलन को चरणबद्ध तरीके से चलाने की योजना बनाई है।
आंदोलन के प्रमुख चरण:
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पोस्टकार्ड और ईमेल अभियान – राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री को पत्र भेजना
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मशाल जुलूस और मोटरसाइकिल रैली
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राजधानी में धरना प्रदर्शन
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नई दिल्ली में संसद मार्च और संसद घेराव
इस अभियान के जरिए शिक्षक सरकार तक अपनी मांग पहुंचाना चाहते हैं।
क्यों हो रहा है TET अनिवार्यता का विरोध
शिक्षक संगठनों का कहना है कि:
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कई शिक्षक वर्षों से सेवा दे रहे हैं
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नियुक्ति के समय उन्होंने सभी आवश्यक योग्यताएं पूरी की थीं
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अब अचानक TET अनिवार्य करने से हजारों शिक्षक प्रभावित होंगे
इसी कारण शिक्षक इसे अनुचित निर्णय बताते हुए विरोध कर रहे हैं।
TET क्या है?
Teacher Eligibility Test (TET) भारत में शिक्षकों की भर्ती के लिए जरूरी पात्रता परीक्षा है। यह परीक्षा आमतौर पर कक्षा 1 से 8 तक के शिक्षकों के लिए आयोजित की जाती है।
हाल ही में कुछ मामलों में अदालत के निर्देशों के बाद कई राज्यों में इसे अनिवार्य बनाया गया, जिसके कारण शिक्षकों के बीच विरोध बढ़ गया है।
FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)
TET अनिवार्यता के खिलाफ शिक्षक क्या करने वाले हैं?
शिक्षक संगठन दिल्ली में संसद मार्च और संसद का घेराव करने की तैयारी कर रहे हैं।
संसद मार्च कब होगा?
यह मार्च 1 अप्रैल से 12 अप्रैल के बीच आयोजित किया जा सकता है।
आंदोलन का नेतृत्व कौन कर रहा है?
Teachers Federation of India और विभिन्न शिक्षक संगठनों के संयुक्त मंच द्वारा आंदोलन की योजना बनाई गई है।
शिक्षक TET का विरोध क्यों कर रहे हैं?
शिक्षकों का कहना है कि वर्षों से सेवा कर रहे शिक्षकों पर अचानक TET अनिवार्य करना उचित नहीं है।
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