Advertisement

Govt Jobs : Opening

मा० उच्च न्यायालय में शिक्षकों के समायोजन संबंधी अपील में हुई सुनवाई का सारांश- (दि० 06/07/2026)

आज मा० उच्च न्यायालय में शिक्षकों के समायोजन संबंधी अपील में हुई सुनवाई का सारांश-


A. समायोजन_केस_सुनवाई_सार_(हाईकोर्ट इलाहाबाद डबल बेंच)

(दि० 06/07/2026)


1. सरकारी अधिवक्ता द्वारा पुनः सही से डेटा प्रस्तुत नहीं किया गया।


2. कोर्ट ने तय मानकों के अनुसार ब्लॉकवार/जिलावार सूची प्रस्तुत करने हेतु पुनः निर्देशित किया।


3. पिटीशनर/एप्लिकेंट पक्ष से किसी को नहीं सुना गया। सूची आने के बाद ही उक्त सूची पर बहस होगी।


4. अगली सुनवाई तिथि 20/07/2026 नियत की गई। तब तक कोई समायोजन/स्थानांतरण नहीं होगा।


B. समायोजन_केस_सुनवाई_सार_(हाईकोर्ट लखनऊ सिंगल बेंच)

(दि० 06/07/2026)


1. बाराबंकी जिले की सरप्लस सूची के संबंध में एक याचिका पर सुनवाई हुई। 


2. लखनऊ हाईकोर्ट सिंगल बेंच में पूर्व से एक मामला 274/26 लंबित है, जिसमें याचिकाकर्ताओं को राहत मिली हुई है।


3. बाराबंकी के भी सरप्लस याचिकाकर्ताओं को उसी केस के साथ समान राहत देते हुए, मुख्य केस के साथ टैग कर दिया है।


निष्कर्ष

(पिटीशनर/एप्लीकेंट्स:- दुर्गेश प्रताप सिंह, हिमांशु राणा व अन्य)


1. नवंबर 2025 के शासनादेश पर जनवरी में शिक्षकों को सरप्लस कर समायोजित करने के मामले पर हाईकोर्ट के दोनों बेंच के सिंगल बेंच में याचिकाएं विभिन्न याचिकर्ताओं द्वारा की गई थी।


2. लखनऊ की सिंगल बेंच ने याचिकाकर्ताओं को अंतरिम रूप से राहत देते हुए उनके समायोजन पर तत्समय रोक लगा दी थी, व प्रकरण अभी लंबित है। परंतु इलाहाबाद की सिंगल बेंच ने मामले को समायोजन के पक्ष में अंतिम रूप से निर्णय देकर निस्तारित कर दिया था।


3. इलाहाबाद सिंगल बेंच द्वारा पारित निर्णय के विरुद्ध काई सारी अपीलें डबल बेंच में दाखिल हुई, जिसपर डबल बेंच ने अपने अंतरिम निर्देश जारी कर सरप्लस सूची बनाने और कोर्ट के सामने प्रस्तुत करने का निर्देश दे रखा है, कोर्ट द्वारा अगले निर्देश पर ही समायोजन संभव होगा।


4. यदि इलाहाबाद की डबल बेंच प्रकरण को पहले निस्तारित करती है तो सरकार लखनऊ सिंगल बेंच में स्टे वेकेशन एप्लीकेशन दाखिल कर सकती है। शेष कोर्ट पर निर्भर करता है।


5. वर्तमान में दोनों बेंच से समायोजन करने पर रोक है, बाद इलाहाबाद की डबल बेंच सरप्लस सूची बनवा रही है और लखनऊ की सिंगल बेंच याचिकाकर्ताओं को अंतरिम राहत दे कर मामले की लंबित रखे हुए है। 


6. यदि दोनों के निर्णयों में विरोधाभास होता है तो पूर्णपीठ का भी गठन संभव है। फिलहाल ऐसी स्थिति कम ही आती है।


कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

UPTET news