क्या है फैमिली यूनिट का महत्व? (8th Pay Commission News)
बैंकबाजार के सीईओ आदिल शेट्ठी कहते हैं, 'फैमिली यूनिट उन कारकों में से एक है जिसके जरिए पे कमीशन परिवार के न्यूनतम खर्च का आकलन करता है। यह प्रदर्शित करता है कि किसी परिवार को कितना मिनिमम बेसिक पे की आवश्यकता है। 7वें वित्त आयोग के दौरान फैमिली यूनिट की संख्या 3.0 थी। इसमें पत्नी और दो बच्चे शामिल थे।
वो आगे कहते हैं,'इसमें पैरेंट्स और विस्तृत परिवार की जिम्मेदारियों को जोड़ा नहीं गया था। अगर 8वें वित्त आयोग अधिक फैमिली यूनिट की मांग को मान लेता है यह सीधा मिनिमम बेसिक को प्रभावित करेगा।' पिछले कुछ सालों के दौरान घरों की परिस्थितियों में विस्तार देखने को मिला है। सरकारी कर्मचारियों की तरफ अपने पैरेंट्स और बड़े परिवारों की जिम्मेदारियां बढ़ी हैं। जिसकी वजह से रोजाना खर्च, पढ़ाई का खर्च के साथ-साथ स्वास्थ्य से जुड़ी सुविधाओं के खर्च में इजाफा हुआ है।
अधिक फैमिली यूनिट होने पर बढ़ जाएगा बेसिक पे (8th Pay Commission basic pay)
अगर 7वें वित्त आयोग के दौरान फैमिली यूनिट को 3.0 की जगह 4.6 रखा गया होगा। इसमें पैरेंट्स को भी जोड़ा गया होता तो मिनिमम बेसिक पे 18000 रुपये की जगह 27600 रुपये होता। यानी मिनिमम बेसिक पे में 9000 रुपये की बढ़ोतरी देखने को मिलती।
अगर 8वें वित्त आयोग के दौरान अधिक फैमिली यूनिट को मान लिया गया तो बेसिक पे और अधिक बढ़ जाएगा। इससे बेसिक पे से जुड़ा फॉर्मूला ही बदल जाएगा। बता दें, कर्मचारी सगंठनों की तरफ से लगातार फैमिली यूनिट को बढ़ाने की मांग हो रही है।

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