Leaderboard Ad – Below Nav

Ad – Above Posts (Multiplex/Display)

Ad – Between Posts Section

यूपीटीईटी 2017 : सूबे में नई सरकार बनने के बाद मार्च के अंत या फिर अप्रैल में टीईटी कराने का नया प्रस्ताव

राब्यू, इलाहाबाद : उप्र शिक्षक पात्रता परीक्षा का वर्ष 2017 में भी आयोजन एक बार ही हो पाएगा। विधानसभा चुनाव के कारण फरवरी में टीईटी कराने की योजना सफल नहीं हो सकी है।

अब नई सरकार के गठन के बाद सचिव, परीक्षा नियामक प्राधिकारी की ओर से नए सिरे से इसका प्रस्ताव शासन को भेजा जाएगा। उम्मीद है कि परीक्षा सितंबर या फिर अक्टूबर में होगी। यूपीटीईटी 2016 का परिणाम जल्द आने के आसार हैं। इसके पहले ही सचिव, परीक्षा नियामक प्राधिकारी ने यूपीटीईटी 2017 को लेकर तैयारियां शुरू की थी। राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (एनसीटीई) का निर्देश है कि टीईटी साल में दो बार आयोजित की जाए। निर्देश है कि साल में एक बार अनिवार्य रूप से परीक्षा कराई जाए। परीक्षा नियामक कार्यालय ने 2017 से दो बार टीईटी कराने की तैयारियां कई माह पहले ही शुरू कर दी थीं। उसके कुछ दिन बाद विधानसभा चुनाव की घोषणा के बाद योजना ठंडे बस्ते में चली गई। यूपी बोर्ड की परीक्षा को लेकर चुनाव आयोग ने जिस तरह से तेवर दिखाए उसके बाद से शिक्षा विभाग के अधिकांश अफसरों ने कुछ नया करने से किनारा कर लिया।
अब तैयारी है कि सूबे में नई सरकार बनने के बाद मार्च के अंत या फिर अप्रैल में टीईटी कराने का नया प्रस्ताव सचिव, परीक्षा नियामक प्राधिकारी की ओर से भेजा जाएगा। मई से आवेदन लेने एवं सितंबर या फिर अक्टूबर में इम्तिहान कराने की योजना बन रही है। ऐसे हालात में इस साल भी दो बार परीक्षा होने के बिल्कुल आसार नहीं है। सचिव परीक्षा नियामक प्राधिकारी डा. सुत्ता सिंह ने बताया कि टीईटी के लिए नया प्रस्ताव होली के बाद भेजा जाएगा।
sponsored links:
ख़बरें अब तक - 72825 प्रशिक्षु शिक्षकों की भर्ती - Today's Headlines

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

UPTET news