Leaderboard Ad – Below Nav

Ad – Above Posts (Multiplex/Display)

Ad – Between Posts Section

टीईटी 2019 : जिले के 3600 डीएलएड प्रशिक्षितों का भविष्य अधर में

गोंडा। जिले में एनआईओएस से डीएलएड कोर्स में प्रशिक्षण प्राप्त निजी स्कूलों में कार्यरत 3600 शिक्षक यूपी टीईटी 2019 में शामिल नहीं हो सकेंगे। यूपी टीईटी के विज्ञापन में एनआईओएस से डीएलएड कोर्स में प्रशिक्षण प्राप्त अभ्यर्थियों को शामिल नहीं किया गया है।

परीक्षा नियामक प्राधिकारी इलाहाबाद ने एक आरटीआई के जवाब में एनआईओएस को शामिल न करने की बात कही है जिससे इन शिक्षकों को टीईटी में शामिल न हो पाने से झटका लगा है। राष्ट्रीय मुक्त विद्यालयी शिक्षण संस्थान ने जिले में निजी, सहायता प्राप्त व अशासकीय सहायता प्राप्त विद्यालय व सरकारी व गैर सरकारी मदरसों में कार्यरत अप्रशिक्षित शिक्षकों के लिए अक्तूबर 2017 में डीएलएड कोर्स चलाया। जिसमें जिले के करीब 3600 शिक्षकों ने ऑनलाइन वेबसाइट पर आवेदन किया। शिक्षकों के आवेदन के बाद संबंधित विद्यालय के प्रधानाध्यापक ने सत्यापित किया। जिसके बाद एनआईओएस ने इन शिक्षकों का आवेदन स्वीकार किया।
इन अप्रशिक्षित शिक्षकों के लिए जिले के सभी ब्लॉकों में ब्लॉक संसाधन केंद्र व बीटीसी कॉलेजों को स्टडी सेंटर बनाया गया। जिले के 16 ब्लॉक में 35 सेंटरों में 3500 शिक्षकों ने प्रशिक्षण लिया और बचे हुए अप्रशिक्षित शिक्षकों का प्रशिक्षण जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान दर्जीकुआं में दिया गया। दो वर्षीय डीएलएड पाठ्यक्रम में चार सेमेस्टर में परीक्षाएं आयोजित की गई, जिसमें उत्तीर्ण होने वाले अप्रशिक्षित शिक्षकों को प्रशिक्षित होने का प्रमाण पत्र मिल गया।
प्रशिक्षण प्राप्त होने के बाद 3600 शिक्षकों ने यूपी टीईटी 2019 के परीक्षा की तैयारी शुरू कर दी। बीते एक नवंबर को उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा का विज्ञापन जारी हुआ, जिसमें एनआईओएस से प्रशिक्षण प्राप्त डीएलएड योग्यताधारी शिक्षकों को शामिल नहीं किया गया जिससे ये शिक्षक निराश हो गए। कुशीनगर के डीएलएड अभ्यर्थी विवेकानंद प्रसाद ने सूचना अधिकार अधिनियम के तहत एनआईओएस से प्रशिक्षित डीएलएड को शामिल करने संबंधी सवाल पूछे जिसके जवाब में पीएनपी के जनसूचना अधिकारी ने 14 सितंबर 2018 के शासनादेश का हवाला देते हुए इन शिक्षकों को टीईटी के लिए अपात्र बता दिया जिससे जिले के 3600 शिक्षक बहुत परेशान है। कुछ शिक्षकों ने टीईटी का आवेदन निर्धारित वेबसाइट से बीटीसी कालम का चयन करके भर दिया है लेकिन परीक्षा में शामिल होने का असमंजस की स्थिति बनी हुई है।
आगामी शिक्षक भर्ती परीक्षा से भी हुए बाहर
उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा 2019 में शामिल न होने के बाद ये 3600 एनआइओएस से डीएलएड उत्तीर्ण अभ्यर्थी शिक्षक भर्ती के दौड़ से भी बाहर हो गए। शिक्षक बनने से पहले टीईटी उत्तीर्ण करना अनिवार्य है लेकिन टीईटी में शिक्षकों को अपात्र करने के बाद इन्हें आगामी शिक्षक भर्ती में भी शामिल नहीं किया जाएगा। जिससे परिषदीय प्राइमरी में शिक्षक बनने का सपना पाले इन शिक्षकों को झटका लगा है।
जिले के शिक्षक पहुंचे हाईकोर्ट
यूपी टीईटी में शामिल न हो पाने से परेशान जिले के शिक्षकों ने इलाहाबाद हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। अखिलेश सिंह चौहान सहित 26 अभ्यर्थियों ने याचिका दायर कर उत्तर प्रदेश पात्रता परीक्षा में शामिल करने की मांग की है। कोर्ट ने सरकार से जवाब तलब किया है। इसकी सुनवाई 13 दिसंबर को होनी है। यूपीटीईटी की परीक्षा 22 दिसंबर को प्रस्तावित है। यदि अभ्यर्थियों के पक्ष में फैसला आया तो टीईटी अपने समय से नहीं हो सकेगी।
एनआईओएस से डीएलएड प्रशिक्षण प्राप्त शिक्षकों को यूपी टीईटी 2019 में शामिल करने के लिए मुख्यमंत्री व सचिव बेसिक शिक्षा को ज्ञापन दिया गया लेकिन कार्यवाही नहीं हुई, जिसके बाद उच्च न्यायालय में याचिका दायर कर कोर्ट से परीक्षा में शामिल कर न्याय करने की मांग की गई। -आदर्श श्रीवास्तव, एनआईओएस डीएलएड अभ्यर्थी 

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

UPTET news