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देश के 54 स्कूलों तक पहुंची एक परिषदीय शिक्षक की सोच, लांच होगी वेबसाइट और मोबाइल एप: आप भी जानिए यह नवाचार

अक्सर आप टीवी में देखते और सुनते हैं कि ‘एक आइडिया, जो बदल दे आपकी दुनिया’। जी हां, बरेली के भोजीपुरा प्राइमरी स्कूल पिपरिया के शिक्षक सौरभ शुक्ला ऐसे ही हैं, जिनका ‘स्कूल बैंक’ आइडिया देश के 54 स्कूलों के लिए मिसाल बन गया है। इसमें शिक्षक अपने पास से बच्चों के लिए पूरी स्टेशनरी की व्यवस्था कर स्कूल बैंक में रखते हैं। जिन बच्चों के पास स्टेशनरी नहीं होती, स्कूल बैंक निश्शुल्क उपलब्ध कराता है।

शिक्षक सौरभ बताते हैं कि इस नवाचार के लिए 2019 में राष्ट्रीय शिक्षक नवाचार पुरस्कार मिल चुका है। देखते ही देखते बरेली के 23 स्कूलों के अलावा अजमेर, रीवा, जबलपुर, हरिद्वार के साथ लखीमपुर, देवरिया, प्रयागराज, पीलीभीत, हापुड़, कौशांबी समेत 54 स्कूल इस चेन का हिस्सा बन गए। करीब आठ हजार बच्चों को स्टेशनरी व अन्य सुविधाएं मिलने लगीं। वर्तमान शिक्षण सत्र में जिले के 12 नए स्कूलों में भी स्कूल बैंक खुलेगा।

वर्ष 2017 में आया आइडिया : स्कूल में 325 बच्चे पढ़ते हैं। उन्होंने बच्चों के पास स्टेशनरी की कमी देख सितंबर वर्ष 2017 में स्कूल बैंक आइडिया निकाला। अपने पास से कॉपियां, किताबें सहित स्टेशनरी के सभी साधन जुटाए।

सबसे एक्टिव बच्चे को बनाया बैंक मैनेजर: सौरभ शुक्ला ने स्कूल के सबसे एक्टिव छात्र को बैंक मैनेजर बनाया। मैनेजर सभी क्लास में जाकर देखता है कि किस बच्चे के पास स्टेशनरी या कॉपी-किताब नहीं है। फिर बैंक से स्टेशनरी दिलवाकर रजिस्टर पर एंट्री कराई जाती। छुट्टी के समय स्टेशनरी वापस बैंक में जमा करा ली जाती है। इससे बच्चों में लेखा जोखा सीखने की आदत भी विकसित होती है।

नए स्कूलों में शुरू होंगे स्कूल बैंक वर्तमान सत्र में

लांच होगी वेबसाइट और मोबाइल एप
शिक्षक सौरभ के मुताबिक ज्यादा से ज्यादा बच्चों को लाभ देने के लिए और शिक्षक इससे जुड़े, इसलिए जल्द ही स्कूल बैंक इंडिया वेबसाइट और मोबाइल एप की शुरुआत की जाएगी। शिक्षक इसके माध्यम से सीधे जुड़ सकेंगे।
शिक्षक सौरभ शुक्ला का स्कूल बैंक का आइडिया बहुत अच्छा है। इससे स्कूली बच्चों की मदद आसानी से की जा सकती है। दूसरे शिक्षकों को भी इनसे प्रेरणा लेनी चाहिए।

विनय कुमार, सेवानिवृत वैज्ञानिकबीएसए, बरेली।

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