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दो माह से माध्यमिक शिक्षकों को नहीं मिला वेतन

 अयोध्या: माध्यमिक शिक्षकों को मई के बाद वेतन नहीं मिल सका है। कोषाधिकारी ने सुप्रीमकोर्ट के निर्णय का हवाला देकर तदर्थ व नियमित शिक्षकों का बिल अलग-अलग भेजने का निर्देश दिया है। वहीं वेतन नहीं मिलने से

शिक्षकों में आक्रोश व्याप्त है। उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ ने इसको लेकर शिक्षा निदेशक डा. सरिता तिवारी से मुलाकात की और ज्ञापन सौंपा। संगठन की प्रांतीय कार्यकारिणी के सदस्य धीरेंद्र प्रताप सिंह के नेतृत्व में शिक्षकों के प्रतिनिधि मंडल ने मांग की है कि शीघ्र सभी का वेतन निर्गत किया जाए। उन्होंने कहा कि शिक्षक आर्थिक तंगी का सामना कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि शिक्षा निदेशक ने मांगों को पूरा करने का भरोसा दिया है। इससे पहले चार अगस्त को डीआइओएस राजेंद्र पांडेय ने प्रबंधकों व प्रधानाचार्यों को निर्देश निर्गत किया था। उन्होंने पत्र में कहा है कि वेतन बिल पर कोषाधिकारी ने आपत्ति की है। इसमें कहा गया है कि तदर्थ शिक्षकों का वेतन देयक बिल से अलग कर प्रस्तुत किया जाए। इसलिए तदर्थ एवं अन्य शिक्षकों व शिक्षणेत्तर कर्मियों का बिल अलग-अलग प्रस्तुत किया जाए और यह प्रमाणपत्र भी दिया जाए कि बिल में तदर्थ शिक्षकों का वेतन सम्मिलित नहीं है। डीआइओएस का कहना है कि शासन से तदर्थ शिक्षकों का वेतन रोकने का आदेश नहीं दिया गया है, लेकिन कोषाधिकारी की आपत्ति के बाद नियमित व तदर्थ शिक्षकों का अलग-अलग बिल भेजने का निर्देश दिया गया है। वहीं कोषाधिकारी अनुराग गुप्ता का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट के निर्णय के कारण वेतन बिल अलग भेजने के लिए कहा गया है, लेकिन डीआइओएस कार्यालय से नियमित और तदर्थ शिक्षकों का वेतन बिल भी बेहद धीमी गति से भेजा जा रहा है। इससे नियमित शिक्षकों को भी वेतन नहीं मिल पा रहा है।

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