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विद्यालयों को मर्ज करने के मामले से पीछे हटा, बेसिक शिक्षा विभाग कहा- विभाग की ऐसी कोई योजना नहीं

 लखनऊ। प्रदेश के 50 से कम

नामांकन वाले परिषदीय विद्यालयों के मर्ज करने के मामले में बेसिक शिक्षा विभाग सोमवार को बैकफुट आ गया। बसपा सुप्रीमो मायावती के बाद सोमवार को कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी व आप के सांसद संजय सिंह ने इस मामले में प्रदेश सरकार को घेरा। इसके बाद विभाग ने इस मामले पर अपनी सफाई जारी की।


विभाग के आधिकारिक एक्स एकाउंट से ट्वीट किया गया कि प्राथमिक विद्यालयों को पास के विद्यालयों में विलय (मर्ज) करने की बात भ्रामक व निराधार है। किसी
भी विद्यालय को बंद किए जाने की कोई प्रक्रिया गतिमान नहीं है। प्रदेश का प्राथमिक शिक्षा विभाग विद्यालयों में मानव संसाधन और आधारभूत सुविधाओं के विकास, शिक्षा की गुणवत्ता को बेहतर करने तथा छात्रों, विशेषकर बालिकाओ के, ड्राप आउट दर को कम करने के लिए प्रयत्न कर रहा है।

महानिदेशक स्कूल शिक्षा कंचन वर्मा ने कहा कि प्रदेश के विद्यालयों में कायाकल्प, निपुण, प्रेरणा आदि योजनाओं के माध्यम से शिक्षा क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति व सुधार हुए हैं। विभाग के लिए प्रदेश के छात्रों का हित सर्वोपरि है। हम विद्यालयों में बच्चों की संख्या बढ़ाने के लिए प्रयास कर रहे हैं।

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