Advertisement

🔴 72825 शिक्षक भर्ती: 14 साल बाद भी 10 हजार से अधिक अभ्यर्थियों को नियुक्ति की आस, अगली सुनवाई 22 जनवरी 2026

प्रयागराज। उत्तर प्रदेश के परिषदीय प्राथमिक विद्यालयों में 72825 प्रशिक्षु शिक्षक भर्ती शुरू हुए लगभग 14 वर्ष बीत चुके हैं, लेकिन आज भी 10 हजार से अधिक योग्य अभ्यर्थी नियुक्ति की प्रतीक्षा कर रहे हैं। 30 नवंबर 2011 को जारी विज्ञापन के बाद यह भर्ती लंबे समय तक न्यायिक प्रक्रिया में उलझी रही।

सुप्रीम कोर्ट के फैसले से 66655 नियुक्तियां सुरक्षित

इस भर्ती से जुड़ा मामला कई वर्षों तक चला और अंततः 25 जुलाई 2017 को सुप्रीम कोर्ट के अंतिम निर्णय के बाद 66655 शिक्षकों की नियुक्तियां सुरक्षित कर दी गईं। इसके बावजूद, कटऑफ से अधिक अंक प्राप्त करने वाले बड़ी संख्या में अभ्यर्थी नियुक्ति से वंचित रह गए।

अवमानना याचिकाओं के जरिए फिर उठी उम्मीद

नियुक्ति से वंचित अभ्यर्थियों ने सुप्रीम कोर्ट में अवमानना याचिकाएं दायर कीं। शीर्ष अदालत ने ऐसे सभी योग्य अभ्यर्थियों की सूची तैयार करने के निर्देश दिए थे।
जो अभ्यर्थी पहले याचिका दायर नहीं कर सके थे, उन्हें 16 दिसंबर तक नाम जुड़वाने का अवसर दिया गया।

एक सप्ताह में 14 हजार से अधिक नाम जुड़े

जानकारी के अनुसार, 25 जुलाई 2017 से पहले याची रहे और वर्तमान अवमानना याचिका में शामिल अभ्यर्थियों की संख्या लगभग 1000 थी। लेकिन सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद एक सप्ताह के भीतर करीब 14 हजार अभ्यर्थियों ने अपना नाम जुड़वाया
हालांकि कुछ अभ्यर्थियों के नाम दो-तीन बार भी दर्ज हो गए, इसके बावजूद 10 हजार से अधिक अभ्यर्थी ऐसे हैं जो कटऑफ से अधिक अंक पाने के बाद भी आज तक नियुक्ति से वंचित हैं।

22 जनवरी 2026 को होगी अगली सुनवाई

इस बहुचर्चित मामले में अब सभी की निगाहें अगली सुनवाई पर टिकी हैं। सुप्रीम कोर्ट में इस प्रकरण की अगली सुनवाई 22 जनवरी 2026 को दोपहर 2 बजे निर्धारित की गई है। अभ्यर्थियों को उम्मीद है कि इस बार वर्षों से लंबित नियुक्ति का रास्ता साफ हो सकेगा।

UPTET news