प्रदेश सरकार ने बेसिक शिक्षा परिषद एवं अशासकीय सहायता प्राप्त (एडेड) जूनियर हाईस्कूलों में कार्यरत शिक्षकों व शिक्षणेत्तर कर्मचारियों को बड़ी राहत दी है। सरकार ने ऐसे कर्मचारियों को, जिन्हें बिना विकल्प दिए स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति दी गई थी, अब नियमानुसार ग्रेच्युटी भुगतान करने का निर्णय लिया है।
इस संबंध में बेसिक शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव पार्थ सारथी सेन शर्मा द्वारा शासनादेश जारी कर दिया गया है।
📜 किन कर्मचारियों को मिलेगा लाभ?
जारी आदेश के अनुसार यह राहत उन—
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👨🏫 शिक्षकों
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👩💼 शिक्षणेत्तर कर्मचारियों
को मिलेगी, जो—
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बेसिक शिक्षा परिषद या
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अशासकीय सहायता प्राप्त (एडेड) जूनियर हाईस्कूलों
में कार्यरत थे और जिन्होंने—
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न्यूनतम 20 वर्ष की सेवा या
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45 वर्ष की आयु पूर्ण करने के बाद
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60 या 62 वर्ष की नियमित सेवानिवृत्ति का विकल्प दिए बिना
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स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति प्राप्त की थी।
💰 ग्रेच्युटी भुगतान का निर्णय
शासनादेश में स्पष्ट किया गया है कि—
ऐसे सभी पात्र शिक्षकों एवं शिक्षणेत्तर कर्मचारियों को उनकी सेवावधि के आधार पर नियमानुसार ग्रेच्युटी का भुगतान किया जाएगा।
यह निर्णय लंबे समय से लंबित मांग को पूरा करने वाला माना जा रहा है।
🧾 क्यों था विवाद?
अब तक—
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स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति लेने वाले कई कर्मचारियों को
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ग्रेच्युटी के लाभ से वंचित रखा जा रहा था
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क्योंकि उन्हें सेवानिवृत्ति के समय कोई स्पष्ट विकल्प नहीं दिया गया था
सरकार के इस फैसले से ऐसे कर्मचारियों को आर्थिक राहत मिलेगी।
🎯 शिक्षा कर्मियों में संतोष
शिक्षक संगठनों ने इस फैसले का स्वागत करते हुए कहा है कि—
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यह निर्णय न्यायसंगत और कर्मचारी हितैषी है
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इससे सरकार की संवेदनशीलता और कर्मचारी कल्याण नीति स्पष्ट होती है
🔍 निष्कर्ष
प्रदेश सरकार का यह निर्णय हजारों शिक्षकों व शिक्षणेत्तर कर्मचारियों के लिए राहत भरा है और इससे सेवानिवृत्ति लाभों को लेकर वर्षों से चली आ रही असमंजस की स्थिति समाप्त होगी।