✍️ लखनऊ।
राज्य सरकार ने छात्रों में समसामयिक ज्ञान, भाषा कौशल और बौद्धिक विकास को बढ़ावा देने के उद्देश्य से एक अहम फैसला लिया है। अब सरकारी और सहायता प्राप्त स्कूलों में अखबार पढ़ना अनिवार्य कर दिया गया है। इस संबंध में अपर मुख्य सचिव द्वारा औपचारिक शासनादेश (GO) जारी कर दिया गया है।
📢 प्रार्थना सभा में होगा समाचार वाचन
जारी आदेश के अनुसार—
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स्कूलों की दैनिक प्रार्थना सभा के दौरान
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विद्यार्थियों द्वारा अखबार की प्रमुख खबरों का वाचन किया जाएगा
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इसमें राष्ट्रीय, राज्य, खेल, विज्ञान और शिक्षा से जुड़ी खबरें शामिल होंगी
इस व्यवस्था का उद्देश्य छात्रों को समाचारों से जोड़ना और उनमें आत्मविश्वास व अभिव्यक्ति क्षमता विकसित करना है।
🎯 शासनादेश के मुख्य उद्देश्य
अपर मुख्य सचिव ने आदेश में कहा कि इस पहल से—
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📚 विद्यार्थियों की पठन आदत विकसित होगी
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🧠 सामान्य ज्ञान और करंट अफेयर्स मजबूत होंगे
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🗣️ हिंदी भाषा व वाचन कौशल में सुधार होगा
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📱 मोबाइल और सोशल मीडिया पर निर्भरता कम होगी
🏫 सभी स्कूलों में होगा पालन
यह निर्देश—
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सभी परिषदीय विद्यालयों
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राजकीय माध्यमिक स्कूलों
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और सहायता प्राप्त शिक्षण संस्थानों
पर लागू होगा।
विद्यालय के प्रधानाध्यापक को इसके नियमित अनुपालन की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
👨🏫 शिक्षकों की होगी निगरानी भूमिका
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शिक्षक यह सुनिश्चित करेंगे कि
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समाचार उम्र के अनुरूप हों
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भाषा सरल और शिक्षाप्रद हो
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सप्ताह में विषयवार समाचार पढ़वाने की भी सलाह दी गई है
📌 शिक्षा जगत में सकारात्मक प्रतिक्रिया
शिक्षाविदों का मानना है कि यह कदम छात्रों को
जिम्मेदार नागरिक बनाने और
प्रतिस्पर्धी परीक्षाओं की तैयारी में भी सहायक सिद्ध होगा।
🔍 निष्कर्ष
सरकार का यह फैसला न सिर्फ शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने की दिशा में एक ठोस कदम है, बल्कि इससे विद्यार्थियों में सोचने-समझने की क्षमता और समाज के प्रति जागरूकता भी विकसित होगी।
