लखनऊ से शिक्षकों के समायोजन मामले को लेकर बड़ी अपडेट सामने आई है। हाईकोर्ट लखनऊ बेंच में चल रहे अवैध समायोजन प्रकरण की सुनवाई के दौरान कोर्ट ने अगली तिथि 2 फरवरी तय की है। तब तक के लिए स्टे (स्थगन आदेश) जारी रहेगा।
यह सुनवाई कोर्ट नंबर 18 में संपन्न हुई, जिसमें देवरिया जिले की याचिका के साथ जुड़ी करीब 22 अन्य समायोजन याचिकाओं पर एक साथ विचार किया गया।
⚖️ क्या हुआ आज की सुनवाई में?
आज की सुनवाई के दौरान:
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राज्य सरकार की ओर से काउंटर एफिडेविट दाखिल किया गया
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कोर्ट ने काउंटर को पर्याप्त नहीं माना
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सभी पक्षकारों को रिजॉइंडर दाखिल करने का समय दिया गया
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मामले की अगली सुनवाई 2 फरवरी को तय की गई
कोर्ट ने स्पष्ट किया कि अगली तिथि तक पूर्व में दिया गया स्टे आदेश प्रभावी रहेगा।
🚫 अवैध समायोजन का मामला
याचिकाओं में आरोप लगाया गया है कि:
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शिक्षकों का समायोजन नियमों के विपरीत किया गया
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पारदर्शिता और तय मानकों का पालन नहीं हुआ
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इससे कई पात्र शिक्षकों के अधिकार प्रभावित हुए
इसी आधार पर याचिकाकर्ताओं ने समायोजन प्रक्रिया को निरस्त करने की मांग की है।
⏳ स्टे जारी रहने से शिक्षकों को राहत
2 फरवरी तक स्टे जारी रहने से:
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प्रभावित शिक्षकों को अस्थायी राहत मिली है
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किसी भी प्रकार की नई कार्रवाई पर रोक लगी रहेगी
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समायोजन प्रक्रिया फिलहाल आगे नहीं बढ़ेगी
यह आदेश उन शिक्षकों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है, जो इस प्रक्रिया से प्रभावित हैं।
👨🏫 शिक्षक संगठनों की नजर अगली सुनवाई पर
प्रदेशभर के शिक्षक और शिक्षक संगठन इस मामले पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। अगली सुनवाई में:
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सरकार का संशोधित पक्ष
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याचिकाकर्ताओं का रिजॉइंडर
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कोर्ट की अगली दिशा
स्पष्ट होने की संभावना है।