✍️ Sarkari Naukri / Teacher Recruitment News
उत्तर प्रदेश में LT ग्रेड सहायक अध्यापक भर्ती परीक्षा 2026 को लेकर एक चौंकाने वाली खबर सामने आई है। बरेली जिले में आयोजित परीक्षा के पहले शिफ्ट में 70 प्रतिशत से अधिक अभ्यर्थी परीक्षा देने नहीं पहुँचे। यह
स्थिति न सिर्फ प्रशासन के लिए चिंता का विषय है, बल्कि उन लाखों युवाओं के लिए भी सवाल खड़े करती है जो वर्षों से सरकारी शिक्षक बनने का सपना देख रहे हैं।📊 बरेली परीक्षा का पूरा आंकड़ा
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📍 जिला: बरेली, उत्तर प्रदेश
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🏫 परीक्षा केंद्र: 21
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👨🎓 पंजीकृत अभ्यर्थी: लगभग 9,700
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✅ परीक्षा में शामिल: करीब 2,800
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❌ अनुपस्थित: 70% से अधिक
सुबह 9:00 बजे से 11:00 बजे तक आयोजित इस परीक्षा में कई केंद्रों पर सन्नाटा पसरा रहा। परीक्षा केंद्रों के बाहर वही दृश्य दिखा जो अक्सर बड़े एग्ज़ाम्स में देखने को मिलता है—पुलिस बल, सख्त चेकिंग, लेकिन उम्मीदवार कम।
❓ इतने अभ्यर्थी परीक्षा से क्यों दूर रहे?
हालाँकि आधिकारिक कारण सामने नहीं आया है, लेकिन प्रतियोगी छात्रों और शिक्षकों के बीच चर्चा में ये संभावित कारण सामने आ रहे हैं:
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🔹 लंबे समय से भर्ती प्रक्रिया में देरी
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🔹 परीक्षा पैटर्न और सिलेबस को लेकर भ्रम
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🔹 पहले से अन्य भर्तियों (जैसे सुपर टेट, बीएड, DSSSB) की तैयारी
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🔹 नौकरी की संख्या कम और प्रतियोगिता ज्यादा
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🔹 बार-बार परीक्षा तिथियों में बदलाव
आजकल सोशल मीडिया और टेलीग्राम चैनलों पर यह चर्चा आम है कि "फॉर्म भरना आसान है, लेकिन परीक्षा देना भरोसे का मामला बन गया है"।
🏫 UP LT Grade भर्ती: युवाओं की उम्मीद या थकान?
उत्तर प्रदेश में शिक्षक की नौकरी को आज भी सम्मान, स्थिरता और सामाजिक प्रतिष्ठा से जोड़ा जाता है—ठीक वैसे ही जैसे पहले गुरु-शिष्य परंपरा में होता था। लेकिन बार-बार की देरी और अनिश्चितता ने युवाओं में निराशा भी पैदा की है।
कई अभ्यर्थियों का कहना है कि
“जब चयन प्रक्रिया वर्षों तक लटकती है, तो मनोबल टूटता है।”
📅 आगे क्या?
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परीक्षा का आयोजन 18 और 19 जनवरी 2026 को भी अन्य शिफ्टों में होना है
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प्रशासन की नजर अब कुल उपस्थिति प्रतिशत पर रहेगी
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आयोग द्वारा जल्द ही परीक्षा से जुड़ा आधिकारिक बयान आ सकता है
🔍 निष्कर्ष (Conclusion)
बरेली की यह स्थिति केवल एक जिले की कहानी नहीं है, बल्कि यह पूरे सिस्टम के लिए एक संकेत है। यदि सरकारी भर्तियों में पारदर्शिता, समयबद्धता और भरोसा नहीं आया, तो ऐसी अनुपस्थिति आगे भी देखने को मिल सकती है।
👉 जो अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल हुए हैं, उनके लिए यह मौका अब भी उम्मीद की किरण है—क्योंकि कम उपस्थिति का सीधा फायदा मेरिट पर पड़ता है।