Advertisement

टीजीटी कला में बीएड वालों की ही नियुक्ति की अनुमति: कोर्ट ने कहा- जो बीएड डिग्री धारक नहीं है, उनकी नियुक्ति पर रोक रहेगी

 इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कला विषय के सहायक अध्यापक टीजीटी अध्यापक भर्ती 2024 में बीएड डिग्री वालों की ही नियुक्ति करने की अनुमति दी है। साथ ही कहा है कि जो बीएड डिग्री धारक नहीं है, उनकी नियुक्ति पर रोक रहेगी। कोर्ट ने राज्य सरकार से याचिका पर जवाब भी मांगा है।



कोर्ट ने कहा कि एनसीटीई ने बीएड को अनिवार्य किया है इसलिए भर्ती में बीएड को वरीयता देने का नियम सही नहीं है। साथ ही मुद्दा विचारणीय मानते हुए सरकार का पक्ष रखने के लिए महाधिवक्ता को नोटिस जारी किया है। यह आदेश न्यायमूर्ति सरल श्रीवास्तव एवं न्यायमूर्ति सुधांशु चौहान की खंडपीठ ने विनोद कुमार यादव व चार अन्य की याचिका की सुनवाई करते हुए दिया है। कोर्ट ने इससे पहले इसी भर्ती में सहायक अध्यापक (कम्प्यूटर) के लिए निर्धारित योग्यता और उप्र लोक सेवा आयोग की ओर से जारी विज्ञापन को चुनौती देने वाली याचिका पर राज्य सरकार व अन्य से जवाब मांगा है। साथ ही बिना बीएड वालों की नियुक्ति पर रोक लगा रखी है। उसी तर्ज पर इस केस में भी रोक लगी है।


याचिका पर अगली सुनवाई 13 मार्च को होगी। याचिका में यह कहते हुए रोक सेवा आयोग के विज्ञापन को चुनौती दी गई है कि इसमें बीएड को वरीयता देने की व्यवस्था की गई है। कहा गया है कि यह 12 नवंबर 2014 को जारी राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (एनसीटीई) की अधिसूचना के विपरीत है, जिसमें न्यूनतम 50 फीसदी अंक के साथ स्नातक या परास्नातक व बीएड को आवश्यक योग्यता के रूप में निर्धारित किया गया है।

UPTET news