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गुरुजी पढ़ाएंगे तो निपुण बनेंगे बच्चे, बिना पाठ्यक्रम पूरा हुए 24 से सत्र परीक्षा

 लखनऊ। प्राइमरी स्कूलों के अधिसंख्य शिक्षक, शिक्षामित्र व अनुदेशक नवम्बर से एसआईआर और पंचायत बीएलओ के काम में लगे हैं। एक शिक्षक के भरोसे किसी तरह 10 से 16 दिसम्बर की बीच अर्द्धवार्षिक परीक्षाएं हुईं। तब से अब तक सिर्फ नौ दिन स्कूल खुले हैं। शीतलहर व सर्दी के चलते 29 दिसम्बर से स्कूलों में लगातार अवकाश है। अब स्कूल 16 जनवरी को खुलेंगे।



शिक्षकों के अनुसार इस दौरान कक्षाएं नहीं चलने से बच्चों का पाठ्यक्रम पूरा नहीं हुआ है। न ही बच्चों को निपुण एसेसमेंट के लिये भाषा व गणित की तैयारी कराई गई है। 24 जनवरी से द्वितीय सत्र परीक्षा और 27 जनवरी से निपुण एसेसमेंट कराना किसी चुनौती से कम नहीं है। इसको लेकर शिक्षकों में भारी आक्रोश है।


प्रदेश के प्राइमरी स्कूलों में पहली से पांचवी के बच्चों की हिन्दी और गणित की दक्षता जांचने के लिए निपुण एसेसमेंट इसी माह होना है। डीएलएड प्रशिक्षु 27 जनवरी से स्कूलों में जाकर बच्चों निपुण लक्ष्य ऐप के माध्यम से ऑनलाइन आकलन करेंगे। लखनऊ के 1249 प्राइमरी स्कूलों में निपुण निपुण एसेसमेंट होना है।


बिना पाठ्यक्रम पूरा हुए 24 से सत्र परीक्षा

प्राइमरी स्कूलों में 24 से 31 जनवरी के बीच द्वितीय सत्र परीक्षा होनी है। परीक्षा कार्यक्रम बेसिक शिक्षा निदेशक प्रताप सिंह बघेल ने आठ जनवरी को जारी किया था। शिक्षकों का कहना है कि अर्द्ध परीक्षा खत्म होने के बाद सिर्फ नौ दिन स्कूल खुले हैं लेकिन शिक्षकों के एसआईआर में लगे होने से पाठ्यक्रम पूरा नहीं हुआ।


नवम्बर से अधिकांश शिक्षक एसआईआर और पंचायत बीएलओ के काम में लगे हैं। दिसम्बर में अर्धवार्षिक परीक्षा खत्म हुई। फिर अवकाश, स्कूल खुलने के बाद सत्र परीक्षा, निपुण आकलन इत्यादि, बिना बच्चों की नियमित पढ़ाई के कैसे होगा? इस विषय पर विभाग को जरूर सोचना चाहिए।


-विनय सिंह,प्रान्तीय अध्यक्ष,प्राथमिक शिक्षक प्रशिक्षित स्नातक एसोसिएशन

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