परेशान शिक्षकों ने महानगर स्थित निदेशालय की डिप्टी डायरेक्टर और स्टेट कॉर्डिनेटर से भेंट की, लेकिन इन्होंने नवीनीकरण का मामला शासन का बता कर अपना पल्ला झाड़ लिया है। कई शिक्षकों को अप्रैल और मई का मानदेय नहीं मिला है।
ये शिक्षक आर्थिक संकट और असमंजस की स्थिति में हैं, वहीं दूसरी ओर विद्यालयों में बच्चों की पढ़ाई पर संकट गहरा गया है।

कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें