आपत्तियां दर्ज कराने की अंतिम तिथि
आयोग के उप सचिव संजय सिंह ने स्पष्ट किया है कि यदि किसी भी अभ्यर्थी को उत्तर कुंजी में कोई विसंगति नजर आती है, तो वह 14 जुलाई की रात 12 बजे तक अपनी ऑनलाइन आपत्ति दर्ज करा सकता है। आपत्ति से संबंधित दिशा-निर्देश आयोग की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध करा दिए गए हैं। आयोग ने आश्वस्त किया है कि यदि कोई प्रश्न गलत पाया जाता है, तो उसे निरस्त कर दिया जाएगा।
किन प्रश्नों पर उठा सवाल? (प्रमुख बिंदु)
छात्रों ने मुख्य रूप से चार प्रश्नों पर साक्ष्यों के साथ आपत्तियां दर्ज कराई हैं:
केस 1 (संस्कृत): प्राथमिक स्तर की दूसरी पाली में संस्कृत के एक प्रश्न पर आपत्ति है। आयोग ने उत्तर 'न' माना है, जबकि परीक्षार्थियों का तर्क है कि संस्कृत व्याकरण के अनुसार सही उत्तर 'ष' होना चाहिए, क्योंकि 'श, ष, स, ह' ऊष्म वर्ण हैं।
केस 2 (आपदा प्रबंधन): जूनियर स्तर की परीक्षा के प्रश्न संख्या 146 पर आपत्ति है। आयोग ने विकल्प (ए) को सही माना है, लेकिन 'आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005' की परिभाषा के अनुसार, सही उत्तर विकल्प (सी) होना चाहिए।
केस 3 (हिंदी तत्सम-तद्भव): हिंदी प्रश्न पत्र में 'माता-मां' को सही माना गया है। छात्रों का तर्क है कि मानक हिंदी व्याकरण के अनुसार 'अग्नि-आग' और 'अक्ष-आंख' भी पूरी तरह प्रमाणिक हैं। छात्रों ने मांग की है कि इन विकल्पों को भी सही माना जाए या प्रश्न निरस्त हो।
केस 4 (मुहावरा): 'एक आंख से देखना' मुहावरे के अर्थ पर विवाद है। आयोग ने इसका उत्तर 'अंधाधुंध करना' माना है। विशेषज्ञों और मुहावरा कोश के अनुसार, इसका सही अर्थ 'सभी के साथ समान व्यवहार करना' होना चाहिए।

क्या आप भी टीईटी परीक्षा में शामिल हुए थे और किसी उत्तर को लेकर आपको संदेह है? यदि हां, तो अपनी आपत्ति आयोग की वेबसाइट पर समय सीमा (14 जुलाई, रात 12 बजे) के भीतर जरूर दर्ज कराएं। परीक्षा से जुड़ी अधिक अपडेट्स के लिए हमारे साथ बने रहें।

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