किन प्रश्नों पर है विवाद? (प्रमुख आपत्तियां)
छात्रों ने मुख्य रूप से चार प्रश्नों पर साक्ष्यों के साथ अपनी आपत्तियां दर्ज कराई हैं:
केस 1: संस्कृत के ऊष्म वर्ण पर आपत्ति
विवरण: तीन जुलाई को प्राथमिक स्तर की दूसरी पाली में संस्कृत द्वितीय भाषा के एक प्रश्न पर विवाद है।
आयोग का उत्तर: आयोग ने इसका उत्तर 'न' माना है।
छात्रों का तर्क: सही उत्तर 'ष' होना चाहिए। संस्कृत व्याकरण के अनुसार, 'श, ष, स, ह' ऊष्म वर्ण हैं। इनके उच्चारण में मुख से गर्म वायु निकलती है।
केस 2: आपदा प्रबंधन की परिभाषा पर आपत्ति
विवरण: तीन जुलाई को जूनियर स्तर की परीक्षा में प्रश्न संख्या 146 पर आपत्ति दर्ज की गई है।
आयोग का उत्तर: आयोग ने विकल्प (ए) को सही माना है।
छात्रों का तर्क: आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005 की धारा 2 (डी) और यूएनडीआरआर (UNDRR) की परिभाषा के अनुसार, आपदा एक गंभीर व्यवधान है जिससे व्यापक जन-धन और पर्यावरणीय हानि होती है। यह परिभाषा विकल्प (सी) से मेल खाती है, जबकि विकल्प (ए) आपातकालीन स्थिति का वर्णन करता है जिसे स्थानीय संसाधनों से नियंत्रित किया जा सकता है।
केस 3: हिंदी के तत्सम-तद्भव युग्म पर आपत्ति
विवरण: जूनियर स्तर की प्रथम पाली में हिंदी के प्रश्नपत्र में तत्सम-तद्भव का सही युग्म पूछा गया था।
आयोग का उत्तर: आयोग ने 'माता-मां' को सही माना है।
छात्रों का तर्क: मानक हिंदी व्याकरण (डॉ. हरदेव बाहरी, डॉ. धीरेंद्र वर्मा और डॉ. भोलानाथ तिवारी के शब्दकोशों) के अनुसार, 'अग्नि-आग' और 'अक्षि-आंख' दोनों ही प्रमाणित युग्म हैं। छात्रों का अनुरोध है कि विकल्प (सी) और (डी) दोनों को सही माना जाए या प्रश्न को निरस्त किया जाए।
केस 4: मुहावरे के अर्थ पर आपत्ति
विवरण: जूनियर स्तर की प्रथम पाली में हिंदी के प्रश्न पत्र (प्रश्न संख्या-53) में 'एक आंख से देखना' मुहावरे का अर्थ पूछा गया था।
आयोग का उत्तर: आयोग ने इसका विकल्प 'अंधाधुंध करना' दिया है, जो कि गलत है।
छात्रों का तर्क: राजपाल हिंदी मुहावरा और लोकोक्ति कोश तथा हरदेव बाहरी कृत बृहत् हिंदी मुहावरा कोश के अनुसार, इसका मानक अर्थ 'सभी के साथ समान व्यवहार करना/पक्षपात न करना' होता है। अतः इस प्रश्न का सही उत्तर विकल्प (सी) 'समान व्यवहार करना' होना चाहिए।
आपत्ति दर्ज करने की महत्वपूर्ण जानकारी
अंतिम तिथि एवं समय: 14 जुलाई की रात 12 बजे तक।
माध्यम: ऑनलाइन आपत्तियां ही स्वीकार की जाएंगी।
दिशानिर्देश: आपत्ति दर्ज करने संबंधी विस्तृत दिशा-निर्देश आयोग की आधिकारिक वेबसाइट पर अपलोड कर दिए गए हैं।
परिणाम: यदि छात्रों द्वारा उठाए गए प्रश्न गलत पाए जाते हैं, तो उन्हें निरस्त कर दिया जाएगा।
नोट: परीक्षार्थियों को सलाह दी जाती है कि वे अपने प्रामाणिक साक्ष्यों के साथ 14 जुलाई रात 12 बजे से पूर्व अपनी ऑनलाइन आपत्तियां अवश्य दर्ज करा दें।
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