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एसटीएफ ने मांगा शिक्षक भर्ती में हुए फर्जीवाड़े का ब्यौरा

रदोई। बेसिक शिक्षा परिषद के अधीन अलग-अलग वर्षों में हुईं शिक्षक भर्तियों में फर्जीवाड़े पर एसटीएफ ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। एसटीएफ ने बेसिक शिक्षा परिषद के माध्यम से जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी से फर्जीवाड़े में सामने आए तत्कालीन शिक्षकों और उन पर हुई कार्रवाई का पूरा ब्योरा तलब किया है।

बेसिक शिक्षा विभाग में पिछले सालों में हुईं शिक्षक भर्तियों में जनपद में फर्जीवाड़ा सामने आ चुका है। फर्जी अंकपत्रों के सहारे बड़ी संख्या में नौकरी हासिल करने वालों पर जनपद में एफआईआर दर्ज कराई गई है। कुछ लोगों पर एफआईआर तो दर्ज नहीं हुई, लेकिन सेवा से बर्खास्तगी कर दी गई। इस मामले की जांच शासन स्तर से एसटीएफ को सौंपी गई है। एसटीएफ ने अपर मुख्य सचिव डा. प्रभात कुमार के माध्यम से इन लोगों के बारे में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी से जानकारी मांगी है। एक सप्ताह के अंदर जानकारी देने के निर्देश दिए गए हैं।

यह हो चुकी कार्रवाई
- 72 हजार शिक्षक भर्ती में जनपद में 32 लोग फर्जी अंकपत्र से नौकरी करते पाए गए थे। इनके विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराई जा चुकी है।
- 10 हजार शिक्षक भर्ती में जनपद में 66 लोगों के फर्जीवाड़ा कर नौकरी पाने की जानकारी आने पर एफआईआर दर्ज कराई गई थी।
- विज्ञान, गणित शिक्षक भर्ती में 15 आवेदकों ने फर्जीवाड़े के जरिए नौकरी पाई थी। इन पर एफआईआर हो चुकी है।
- बीटीसी 2004 में हुई भर्ती में 30 लोगों के विरुद्ध एफआईआर हो चुकी है।
- बीटीसी 2007 में हुई भर्ती में सात लोगों को सेवा से बर्खास्त किया जा चुका है।
- बीटीसी 2010 में हुई भर्ती में तीन लोगों को सेवा से बर्खास्त किया जा चुका है।
- बीटीसी प्रशिक्षित 2010 में हुई भर्ती में तीन को सेवा से बर्खास्त किया जा चुका है।
- आगरा विश्वविद्यालय के फर्जी अंकपत्र से भर्ती पाने वाले 16 लोगों को बर्खास्त किया जा चुका है।

रिकवरी का ब्योरा भी तलब
फर्जीवाड़े से नौकरी हासिल करने वालों से सेवा अवधि के वेतन की रिकवरी के निर्देश दिए जा चुके हैं। इसके बावजूद अभी तक किसी से रिकवरी नहीं हुई। बेसिक शिक्षा परिषद के निदेशक डा. सर्वेंद्र विक्रम बहादुर सिंह ने जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को रिकवरी को लेकर अब तक की गई कार्रवाई से अवगत कराने के निर्देश दिए हैं। फर्जीवाड़े में शामिल रहे लोगों के पैनकार्ड में हेरफेर के अंदेशे को लेकर भी जांच कराने के निर्देश दिए हैं।

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