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शिक्षक भर्ती में फर्जियों को सता रहा जेल का डर : 72825 प्रशिक्षु शिक्षकों की भर्ती Latest News

माध्यमिक विद्यालयों में एलटी ग्रेड शिक्षक भर्ती प्रक्रिया शुरू हुए दो सौ दिन से ज्यादा बीत चुके हैं लेकिन अभी तक 100 शिक्षक भी नहीं मिल पाए हैं। लखनऊ मंडल के राजकीय माध्यमिक विद्यालयों में शिक्षकों के 741 पदों पर नियुक्ति होनी है। नियुक्ति पत्र जारी होने के बाद एक महीने से ज्यादा समय बीत गया लेकिन अभी तक केवल 98 शिक्षकों ने ही जॉइन किया है।

शिक्षकों की नियुक्ति प्रक्रिया पूरी न होने का सबसे ज्यादा खामियाजा स्टूडेंट्स को भुगतना पड़ रहा है। बीते साल राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान के तहत नए खोले गए स्कूलों में इस समय केवल दो-दो शिक्षक हैं।

माध्यमिक विद्यालयों में विभिन्न विषयों के लिए नियुक्ति प्रक्रिया अप्रैल में शुरू हुई थी। भर्ती प्रक्रिया जून में पूरी हो जानी थी ताकि जुलाई में गर्मी की छुट्टियों के बाद जब स्कूल खुलें तो वहां पर्याप्त संख्या में शिक्षक हों।

भर्ती प्रक्रिया तय समय से शुरू हो गई लेकिन पहले आवेदन पत्रों की फीडिंग में ही काफी समय लग गया। काउंसलिंग के बाद चयनित अभ्यर्थियों के अंकपत्रों का सत्यापन हुआ तो फर्जी अंकपत्रों की बाढ़ आ गई। लखनऊ विश्वविद्यालय के बहुत से अंकपत्र फर्जी निकल गए। फर्जी अंकपत्र मिलने के बाद अभ्यर्थी का आवेदन निरस्त कर दिया जाता है। उसके स्थान पर नए अभ्यर्थी को मौका दिया जाता है। ऐसे में प्रक्रिया और लंबी हो गई।

दूसरी तरफ सत्यापन के बाद जिन अभ्यर्थियों को सत्यापन के बाद नियुक्ति पत्र जारी भी किए गए उन्होंने अपने पद पर जॉइन नहीं किया। इस वजह से अब एक के मुकाबले 10 अभ्यर्थियों की काउंसलिंग कराई जा रही है। काउंसलिंग जेडी कार्यालय में 23, 24 और 25 नवंबर को होगी। जिसमें विषयवार अभ्यर्थियों को बुलाया गया है।

नए शुरू हुए स्कूल और स्टूडेंट्स संख्याराजकीय हाईस्कूल, मस्तीपुर-24, धनुआसांड-60, रतियामऊ-10, सुरियामऊ-13, मस्तेमऊ-18, मवई-4, पलेंदा-7, मलहा-43, सिंधरवा-41, जौरिया-13, ससपन-6, थरी-10, बीबीपुर-51, रसूलपुर-31, बंथरा-44

राजकीय विद्यालय खाली, निजी कॉलेजों में भीड़

राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान के तहत खोले गए नए स्कूलों का शिक्षकों के बगैर बुरा हाल है। हालत यह है कि हाईस्कूल के छह विषय पढ़ाने के लिए केवल एक या दो शिक्षक ही हैं। इसका असर यह है कि क्षेत्र में नाममात्र की फीस वाले राजकीय स्कूलों के बजाय अभिभावक अपने बच्चों का दाखिला निजी स्कूलों में करा रहे हैं। ऐसे में निजी स्कूलों में तो धारण क्षमता से ज्यादा स्टूडेट्स हैं पर कई राजकीय स्कूलों में स्टूडेंट्स की संख्या दहाई में भी नहीं है। बीते साल नए खुले 15 राजकीय हाईस्कूल की बात करें तो इस समय इनमें पढ़ने वाले कुछ स्टूडेंट्स की संख्या 375 है। वहीं राजधानी के बहुत से निजी स्कूलों में एक-एक कक्षा में इससे ज्यादा स्टूडेंट्स हैं। इन स्कूलों में शिक्षक होते तो कम से कम यह स्थिति न होती।

फर्जी अंकपत्र मिलने से गड़बड़ाई व्यवस्था, भर्ती न होने की वजह से बगैर शिक्षक पढ़ रहे स्टूडेंट्स

23, 24 व 25 नवंबर को जेडी कार्यालय में होगी काउंसलिंगभर्ती प्रक्रिया में अभ्यर्थियों के फर्जी अंकपत्र मिलने की वजह से समय ज्यादा लग गया। खाली पदों की संख्या देखते हुए अब दोबारा काउंसलिंग कराई जा रही है। अभ्यर्थी एक से ज्यादा पदों पर चयन पाने के बाद उन्हें न छोड़े इसकी तरकीब भी निकाली गई है। अब पूरे प्रदेश में एक साथ काउंसलिंग होगी। इसकी कटऑफ जारी की जा रही है।
सुत्ता सिंह, मंडलीय संयुक्त शिक्षा निदेशक (माध्यमिक) लखनऊ

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