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शिक्षामित्र समायोजन हर हाल में होगा निरस्त , पढ़े 12 सितम्बर 15 के ट्रिपल बेंच का पैरा 55

मित्रों एक बात तो तय है कि......ये शिक्षा मित्र जगत कितना भी एड़ी चोटी का जोर लगा लें ,समायोजन हर हाल में निरस्त होगा उसका कारण जानने के लिए 12 सितम्बर 15 के ट्रिपल बेंच का पैरा 55 पढ़े जिसमे न्यायमूर्ति डी वाय चन्द्र चूड़ साहब ने माना कि जब योग्य अभ्यर्थी NCTE की मिनिमम गाइड लाइन से एलिजिबल है
तो भूतपूर्व सरकार कैसे योग्यता को ताक पे रख के 3 चरणों में समायोजन कर दिया। जिसका जवाब स्टेट के रिप्रेजेंटेटिव श्री सी बी यादव भी निरुत्तर हो गयें। और अभी बीजेपी के मैन फ़िस्टो में जो शिक्षा मित्र का 3 माह में निस्तारण करने की बात कहा गया वो माननीय सर्वोच्च न्यायालय के फाइनल निस्तारण के बाद न्याययोचित ढंग से कहने की बात कहा गया इसको पुनः समायोजन न समझा जाये।
मित्रों उपरोक्त बातानुसार आतिउत्साह से गद गद होकर कुछ लोग कह रहे है की नयी सरकार बनते ही सब कुछ टेट के पक्ष में ही होगा। ऐसा लगता है की मानो की सब विधायक टेट पास है ।हमारे टेट पास याची भाई बहन एमोशन में जल्दी आ जाते है इनमें से कुछ को तो वैधानिक ज्ञान न के बराबर है ।कोर्ट या सरकार फेसबूकिया ज्ञान से नहीँ चलती ,,,कुछ अग्रणी लेखकों और सेल्फिश सेल्फीबाजौ को कोर्ट की ABC भी नहीँ पता ,ये सरकार बस रूकावट न खड़ा करे याचीवो के रास्ते में इससे इतना ही अपेक्षा करे जहाँ तक केस वापस लेने की बात है तो ये शिक्षा मित्रों का केस वापस नहीँ ले सकती हम शुरू से कहते आये है की ये केस सीधे हाइकोर्ट द्वारा सुप्रीम कोर्ट में भेजा गया है ।।बेहतर यही है की हम सुप्रीम कोर्ट पर ध्यान दे और हियरिंग की विषय वस्तु पर ध्यान दे ,,शिक्षा मित्र का विधिक पहलू कमजोर है जब तक ये बाहर नहीँ होगे तब तक पूर्ण याची लाभ असम्भव है इस सरकार की सोच 7 एप्रिल को पता चल जायेगी क्योंकि अजय सिंह जी के आदेश पर सिन्हा जी 839 की नीयोक्ती को कोर्ट में चुनौती देने की पूरी तैयारी कर चुके है यही 839 याची लाभ की कुंजी है यदि ये सरकार याची लाभ की हितैषी होगी तो ये 839 का विरोध नहीँ करने देगी और सिन्हा को हटा देगी वैसे इनका हटना तय है। ।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।मित्रों याची लाभ कोर्ट ही देगी इसलिये कोर्ट के अंदर ही ध्यान देना होगा और याचीवो को अपना हित साधने हेतु खुद आगे आना होगा कोर्ट के अंदर बाहर सक्रिय रहना होगा ,वकील चयन के मामले में सावधान रहना होगा कुछ जयचंदों से सावधान रहना होगा कुछ AOR और वकीलों से दूरी बनाना होगा !
आप का शुभचिन्तक....
राकेन्द्र सिंह चाहर, आगरा
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