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हाईकोर्ट के आदेश से रुकी फर्जी शिक्षकों की जांच

 जागरण संवाददाता, मैनपुरी: हाईकोर्ट द्वारा बीएड की फर्जी डिग्री पर नौकरी करने वाले शिक्षकों को राहत मिलने के बाद जिले में फर्जी शिक्षकों की जांच का काम रुक गया है। अब तक दिन-रात फर्जी शिक्षकों की पहचान में जुटे कर्मचारियों ने राहत की सांस ली है।
अब इन शिक्षकों की उपस्थिति संबंधित खंड शिक्षाधिकारियों को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।
शासन द्वारा जिले को 4570 फर्जी बीएड डिग्रीधारकों की सूची भेजी गई थी। जिनमें से जिले में तैनात शिक्षकों की पहचान की जानी थी। सूची मिलने के बाद से बीएसए कार्यालय के कर्मचारी फर्जी शिक्षकों की पहचान में लगे हुए थे। जिले में अब तक 80 फर्जी शिक्षकों की पहचान हो चुकी थी। जिन्हें बर्खास्तगी का नोटिस भी जारी कर दिया गया था। वर्तमान में भी फर्जी शिक्षकों की पहचान के लिए जांच जारी थी। लेकिन गुरुवार को हाईकोर्ट द्वारा फर्जी शिक्षकों के संबंध में यथास्थिति बनाए रखते हुए वेतन जारी करने के आदेश के बाद जांच पर ब्रेक लग गया है। अब तक जो कर्मचारी पूरी जी जान से फर्जी शिक्षकों की पहचान में लगे थे, उन्होंने राहत की सांस ली है।
दूसरी ओर वेतन जारी करने के लिए बेसिक शिक्षा विभाग ने सभी खंड शिक्षाधिकारियों से इन 80 शिक्षकों की उपस्थिति मांगी है। बताते चलें कि पहचान होने के बाद उच्चाधिकारियों के निर्देश पर बीएसए ने इन सभी शिक्षकों का वेतन रोक दिया था। कोर्ट के आदेश के बाद फर्जी शिक्षकों ने भी राहत की सांस ली है। बीते तीन दिनों में जहां तीन दर्जन से अधिक शिक्षकों ने नोटिस का जवाब दिया था वहीं हाईकोर्ट के आदेश के बाद गुरुवार को केवल एक शिक्षक ने अपना जवाब बीएसए कार्यालय में उपलब्ध कराया है।
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अब तक वेतन जारी करने के संबंध में कोई आदेश प्राप्त नह ं हुआ है। अखबारों में प्रकाशित खबर से हाईकोर्ट के आदेश की जानकारी हुई है। जल्द ही फर्जी शिक्षकों की पहचान का काम भी पूरा कर लिया जाएगा।

विजय प्रताप ¨सह, बीएसए, मैनपुरी।

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