लखनऊ : प्रदेश में फर्जी सहायक अध्यापक बड़े पैमाने पर सरकारी कोष में
सेंध लगा रहे हैं। आशंका है कि इनकी संख्या पांच हजार से भी अधिक है। फर्जी
शिक्षकों की धरपकड़ में जुटी एसटीएफ को कई शिक्षकों के खुद ही इस्तीफा
देकर भाग निकलने की सूचनाएं भी मिली हैं।
कई को बेसिक शिक्षा विभाग ने
बर्खास्त भी किया है लेकिन, ऐसे आरोपितों के खिलाफ एफआइआर नहीं दर्ज कराई
जा रही है। एसटीएफ ने पूरे मामले में एक रिपोर्ट तैयार की है, जिसे शासन को
भेजकर बड़े स्तर पर कार्रवाई की सिफारिश की है।1एसटीएफ ने 19 जून को मथुरा
में फर्जी शिक्षकों सहित 16 आरोपितों को गिरफ्तार कर इस बड़ी धांधली को
उजागर किया था। बेसिक शिक्षा विभाग ने भी मामले की जांच में कई स्तर पर
अनियमिताएं पाई थीं। एसटीएफ ने इसके बाद 14 अगस्त को सीतापुर से दूसरे के
नाम-पते पर सहायक अध्यापक की नौकरी कर रहे शत्रुघ्न को पकड़ा था। जो अनिल
कुमार के नाम व शैक्षणिक प्रमाणपत्रों के जरिए नौकरी पाया था। जांच में
सामने आया कि शत्रुघ्न ने फर्जी दस्तावेज के जरिए अनिल के नाम से पैनकार्ड
भी हासिल कर लिया था।
0 تعليقات