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फर्जी नियुक्ति का राजफाश, दो शिक्षकों की सेवाएं समाप्त: नियमों की अनदेखी करते हुए दो शिक्षकों की कर दी गई थी नियुक्ति

लखनऊ : नियमों की अनदेखी करते हुए दो शिक्षकों की नियुक्ति कर दी गई। यहां तक कि मंडलीय उप शिक्षा निदेशक के हस्ताक्षर के बिना दोनों सहायक अध्यापकों को विद्यालय में तैनाती भी करा दी गई।
जांच में इसका खुलासा हुआ तो सहायक शिक्षा निदेशक (षष्ठ मंडल) सुरेंद्र कुमार तिवारी ने अग्रिम के निर्देश दिए। इस पर डीआइओएस ने दोनों शिक्षकों की सेवा समाप्त कर दी। मामला सहायता प्राप्त आदर्श उच्चतर माध्यमिक विद्यालय अहिमामऊ का है।
सहायक अध्यापक अवनीत कुमार वर्मा व सीमा देवी को आदर्श उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के प्राइमरी प्रभाग में वर्ष 2016 में सहायक अध्यापक के पद पर नियुक्त किया गया था। जांच रिपोर्ट के अनुसार, विद्यालय प्रबंध समिति ने नियमों की अनदेखी करते हुए कम प्रसार वाले समाचार पत्रों में विज्ञापन प्रकाशित कराया। इसमें समस्त शैक्षिक योग्यताओं का न तो उल्लेख किया और न ही नियुक्ति पत्र पर मंडलीय उप शिक्षा निदेशक माध्यमिक से हस्ताक्षर करवाए। यही नहीं, मंडलीय समिति की मान्यता, जिला विद्यालय निरीक्षक की ओर से अनुमोदन पत्र और विद्यालय प्रबंधक की ओर से नियुक्ति का आदेश सब एक ही तारीख में करा दिया। 1दोनों अभ्यर्थियों को कार्यभार भी उसी दिन ग्रहण करा दिया गया। सीमा देवी के स्पष्टीकरण में 20 मई को दोपहर तीन बजे तैनाती की बात कही गई है। जांच समिति के अनुसार, 20 मई को दोपहर 12 बजे तक स्कूल बंद करा दिया जाता है। विद्यालय बंद होने के समय में तैनाती नहीं हो सकती। इसके दृष्टिगत संयुक्त शिक्षा निदेशक षष्ठ मंडल सुरेंद्र कुमार तिवारी की ओर जारी पत्र में डीआइओएस को तत्काल अग्रिम के लिए निर्देशित किया गया है।
आदर्श उच्चतर मावि. अहिमामऊ का मामला, 2016 में हुई थी तैनाती
विभागीय जांच में नियमों की अनदेखी और अभिलेखों में हेराफेरी की पुष्टिसीमा देवी व अवनीत कुमार वर्मा की अनियमित नियुक्ति की गई थी। जांच में इसकी पुष्टि होने के बाद दोनों की सेवा समाप्त कर दी गई है। 1-मुकेश कुमार सिंह, जिला विद्यालय निरीक्षक।

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