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शिक्षकों के वेतन देने की कवायद तेज, शिक्षकों व कर्मचारियों को दो-दो महीने से वेतन न मिलने के कारण शुरु हुए विरोध और शासन ने लगाई फटकार

लखनऊ : राजकीय इंटर कॉलेजों के शिक्षकों व कर्मचारियों को दो-दो महीने से वेतन न मिलने के कारण शुरु हुए विरोध और शासन की फटकार के बाद वेतन देने की कवायद तेज हो गई है।

माध्यमिक शिक्षा निदेशालय की ओर से सभी जिलों के डीआइओएस से लंबित वेतन के मामले में जानकारी जुटाने के बाद उसे जारी करने की तैयारी पूरी कर ली है। राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान के तहत खोले गए करीब 1400 हायर सेकेंड्री स्कूल व 700 राजकीय इंटर कॉलेजों के लगभग पांच हजार शिक्षकों व कर्मचारियों को वेतन नहीं मिल पाया है।

राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान के तहत इन शिक्षकों को वेतन देने के लिए मद में पहले से ही दस करोड़ रुपये का बजट है और 47 करोड़ रुपये का बजट राज्य सरकार पुनर्विनियोग के माध्यम से जुटा रही है। इस तरह कुल 57 करोड़ रुपये वेतन के लिए जुटाए जा रहे हैं। फिलहाल माध्यमिक शिक्षा निदेशक कार्यालय व वित्त विभाग में इन सभी शिक्षकों व कर्मचारियों को वेतन देने के लिए जरूरी औपचारिकताएं सोमवार को देर शाम तक पूरी की जा रही थी। राजकीय शिक्षक संघ के अध्यक्ष पारस नाथ पांडेय कहते हैं कि जिलों में डीआइओएस कार्यालय में बाबू वेतन के लिए शिक्षकों को काफी परेशान करते हैं, इसी कारण शिक्षकों को वेतन मिलने में कठिनाई होती है।

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