बिल्हौर विधानसभा क्षेत्र में करीब एक हजार से अधिक शिक्षामित्र हैं। शिक्षामित्र वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष हरिओम भदौरिया ने बताया कि चुनाव ड्यूटी के आदेश शुक्रवार की देर रात प्राप्त हुए हैं। आदेश मिलते ही सभी ने बिना किसी द्वेष भाव के ड्यूटी ज्वाइन कर काम शुरू कर दिया है। उधर, उप्र रोजगार सेवक संग के जिलाध्यक्ष सुरेंद्र दीक्षित ने कहा कि चुनाव आयोग के आदेश पर प्रशासनिक अधिकारी रोजगार सेवकों को मतदान ड्यूटी में लगा देते हैं, लेकिन पारिश्रमिक नहीं देते। ऐसे में कर्मियों में नाराजगी है।
लेटेस्ट Sarkari Naukri, Govt Jobs, Results, Admit Card, Exam Dates और Education News के लिए भरोसेमंद वेबसाइट – E Sarkari Naukri Blog
Important Posts
Social Media Link
Advertisement
Breaking News
- 🔥 वरिष्ठता सूची नियम 2026: प्राथमिक शिक्षकों की वरिष्ठता कैसे तय होगी? पूरी जानकारी
- समायोजन के नियम
- 2004 में शिक्षामित्रों की नियुक्तियों हेतु जारी विज्ञप्ति: इसी विज्ञप्ति के आधार पर हुआ था शिक्षामित्रों की का चयन
- 69000 शिक्षक भर्ती कोर्ट अपडेट B.Ed लीगल टीम की कलम से, जानिए आज क्या हुआ था कोर्ट में
- प्रदेश के शिक्षा विभाग में 12 लाख युवाओं को है भर्ती का इंतजार , दो बड़े भर्ती आयोगों का गठन न होने से हजारों पदों पर अटका चयन
Govt Jobs : Opening
शिक्षामित्र व रोजगार सेवकों को देर रात मिला ड्यूटी का आदेश, मची खलबली
बिल्हौर नियमितीकरण और वेतन वृद्धि की मांग को लेकर प्रदेश सरकार के विरुद्ध हल्ला बोलने वाले पंचायतों में तैनात मनरेगा रोजगार सेवक और स्कूलों में तैनात शिक्षामित्रों को निर्वाचन कार्य से अलग रखा गया था। लेकिन शुक्रवार देर रात रोजगार सेवकों और शिक्षामित्रों की ड्यूटी के आदेश जारी होने से खलबली मच गई। उच्चाधिकारियों का आदेश जिन-जिन कर्मियों को मिला वह अपने तैनाती स्थल को रवाना हो गए हैं। चुनाव आयोग ने रोजगार सेवकों और शिक्षामित्रों को कई स्थानों पर रिजर्व पार्टी में शामिल किया है या फिर जोनल और सेक्टर मजिस्ट्रेट के साथ लगाया है।
सदस्यता लें
टिप्पणियाँ भेजें (Atom)

कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें