बिल्हौर विधानसभा क्षेत्र में करीब एक हजार से अधिक शिक्षामित्र हैं। शिक्षामित्र वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष हरिओम भदौरिया ने बताया कि चुनाव ड्यूटी के आदेश शुक्रवार की देर रात प्राप्त हुए हैं। आदेश मिलते ही सभी ने बिना किसी द्वेष भाव के ड्यूटी ज्वाइन कर काम शुरू कर दिया है। उधर, उप्र रोजगार सेवक संग के जिलाध्यक्ष सुरेंद्र दीक्षित ने कहा कि चुनाव आयोग के आदेश पर प्रशासनिक अधिकारी रोजगार सेवकों को मतदान ड्यूटी में लगा देते हैं, लेकिन पारिश्रमिक नहीं देते। ऐसे में कर्मियों में नाराजगी है।
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शिक्षामित्र व रोजगार सेवकों को देर रात मिला ड्यूटी का आदेश, मची खलबली
बिल्हौर नियमितीकरण और वेतन वृद्धि की मांग को लेकर प्रदेश सरकार के विरुद्ध हल्ला बोलने वाले पंचायतों में तैनात मनरेगा रोजगार सेवक और स्कूलों में तैनात शिक्षामित्रों को निर्वाचन कार्य से अलग रखा गया था। लेकिन शुक्रवार देर रात रोजगार सेवकों और शिक्षामित्रों की ड्यूटी के आदेश जारी होने से खलबली मच गई। उच्चाधिकारियों का आदेश जिन-जिन कर्मियों को मिला वह अपने तैनाती स्थल को रवाना हो गए हैं। चुनाव आयोग ने रोजगार सेवकों और शिक्षामित्रों को कई स्थानों पर रिजर्व पार्टी में शामिल किया है या फिर जोनल और सेक्टर मजिस्ट्रेट के साथ लगाया है।
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