प्रयागराज। जूनियर एडेड शिक्षक भर्ती 2021 के तहत प्रधानाध्यापक के 253 पदों पर नियुक्ति में अनुभव प्रमाणपत्र का मामला मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ तक पहुंच गया है। अभ्यर्थी ज्ञानवेन्द्र सिंह बंटी ने सोमवार को
मुख्यमंत्री से लखनऊ में मुलाकात कर समस्या बताई। कहा कि लगभग 99 प्रतिशत अभ्यर्थियों ने वित्तविहीन विद्यालय में पांच साल या अधिक वर्ष तक सहायक अध्यापक के रूप में शिक्षण कार्य किया है और वे प्रधानाध्यापक पद के लिए अनुभव की योग्यता रखते हैं। अब जब इस भर्ती की काउंसिलिंग कराई जा रही है तब कई जिलों के बेसिक शिक्षा अधिकारी यह कहते हुए अनुभव प्रमाणपत्र निरस्त कर रहे हैं कि उस पद के सापेक्ष अनुमोदन नहीं लिया गया था। यह तब है जबकि अभ्यर्थियों का नाम यू-डायस पोर्टल पर पांच साल या अधिक समय से मौजूद है। सभी योग्यता पूरी करने के बावजूद हमारे अनुभव प्रमाणपत्र पर संकट मंडरा रहा है। बेसिक शिक्षा विभाग के अफसरों ने यूपी में जुलाई 2011 में आरटीई लागू होने के 14 साल में कभी अनुमोदन नहीं दिया और अब परेशान किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है।लेटेस्ट Sarkari Naukri, Govt Jobs, Results, Admit Card, Exam Dates और Education News के लिए भरोसेमंद वेबसाइट – E Sarkari Naukri Blog
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