उत्तर प्रदेश के प्राथमिक एवं कंपोजिट विद्यालयों में शिक्षकों के समायोजन मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने याची शिक्षकों को बड़ी राहत दी है। कोर्ट ने 13 जनवरी को लगाई गई अंतरिम रोक को अगली सुनवाई तक बढ़ा दिया है। अब इस मामले की अगली सुनवाई 2 फरवरी को होगी।
यह आदेश न्यायमूर्ति श्रीप्रकाश सिंह की एकल पीठ ने शिक्षकों द्वारा दायर 12 याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए पारित किया।
⚖️ कोर्ट में क्या हुआ?
सोमवार को हुई सुनवाई के दौरान—
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राज्य सरकार की ओर से अदालत को बताया गया कि
जवाबी शपथ पत्र याची पक्ष को उपलब्ध करा दिया गया है -
याची शिक्षकों की ओर से अधिवक्ता ने
प्रत्युत्तर (Rejoinder) दाखिल करने के लिए समय मांगा -
कोर्ट ने प्रत्युत्तर दाखिल करने के लिए समय देते हुए
अगली सुनवाई 2 फरवरी तय कर दी
इसके साथ ही कोर्ट ने स्पष्ट किया कि तब तक समायोजन प्रक्रिया पर लगी अंतरिम रोक जारी रहेगी।
⛔ स्टे का क्या प्रभाव पड़ेगा?
अंतरिम रोक जारी रहने से—
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प्राथमिक और कंपोजिट विद्यालयों में
किसी भी शिक्षक का समायोजन नहीं किया जाएगा -
याची शिक्षक
वर्तमान तैनाती स्थल पर ही कार्यरत रहेंगे -
विभाग द्वारा
कोई नई समायोजन कार्रवाई नहीं की जा सकेगी
यह आदेश उन हजारों शिक्षकों के लिए राहत लेकर आया है, जो समायोजन प्रक्रिया से प्रभावित थे।
👨🏫 शिक्षकों में बढ़ी उम्मीद
शिक्षक संगठनों और प्रभावित शिक्षकों का मानना है कि—
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समायोजन प्रक्रिया में
नियमों और RTE प्रावधानों का उल्लंघन हुआ है -
मध्य सत्र में समायोजन
शैक्षणिक व्यवस्था को प्रभावित करता है -
हाईकोर्ट से
न्यायपूर्ण निर्णय की उम्मीद है
अब सभी की नजरें 2 फरवरी की अगली सुनवाई पर टिकी हैं।
🟢 निष्कर्ष
हाईकोर्ट द्वारा अंतरिम रोक को आगे बढ़ाना यह संकेत देता है कि अदालत इस मामले को गंभीरता से सुन रही है। जब तक अंतिम निर्णय नहीं आ जाता, तब तक शिक्षकों के समायोजन पर रोक बनी रहेगी, जो याची शिक्षकों के लिए एक बड़ी राहत है।